आस्था-डर और चमत्कार का संगम है मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, जानें इस रहस्यमयी धाम से जुड़े रहस्य
प्रकाशित: 23-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
राजस्थान का मेहंदीपुर बालाजी मंदिर सनातन धर्म के लोगों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में भक्तजन दर्शन व पूजा-अर्चना करते हैं. हालांकि, इस मंदिर से जुड़े कई ऐसे रहस्य हैं, जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं. आज हम आपको मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की महिमा और इससे जुड़ी कई अनसुनी बातों के बारे में बताएंगे.
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में किसकी पूजा होती है?
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है. यहां विशेष रूप से भगवान हनुमान के बाल रूप की पूजा की जाती है, जिन्हें बालाजी नाम से जाना जाता है. इसके अलावा मंदिर में प्रेतराज सरकार और कोतवाल कप्तान यानी भैरव बाबा की उपासना करने का भी विधान है.
तेज गति से चलने लगती हैं सांसें
कई भक्तों ने अनुभव किया है कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में उनकी सांसें सामान्य से तेज चलने लगती हैं. मन में बेचैनी और अजीब सी उलझन रहती है, जो मंदिर से बाहर कदम रखते ही शांत हो जाती है.
भक्त करते हैं अजीबो-गरीब हरकतें
बता दें कि राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में लोग बुरी आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. यहां पर लोगों का चिल्लाना, अजीब आवाजें निकालना या बेहोश होना आम बात है, जिसे भूत-प्रेत से जोड़ा जाता है.
पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए
मंदिर में आए भक्तों को कई बार ऐसा लगता है कि कोई उन्हें बुला रहा है, जिसे मुड़कर देखना ठीक नहीं होता है. कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में पीछे मुड़कर देखता है तो उसके ऊपर नकारात्मक शक्तियां हावी हो जाती हैं.
घर लेकर नहीं जाना चाहिए प्रसाद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भक्तजन मेहंदीपुर बालाजी मंदिर का प्रसाद अपने साथ घर लेकर नहीं जाते हैं. यदि गलती से कोई व्यक्ति अपने साथ मंदिर का प्रसाद घर लेकर जाता है तो नकारात्मक शक्तियां उसका पीछा नहीं छोड़ती हैं.
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में किसकी पूजा होती है?
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है. यहां विशेष रूप से भगवान हनुमान के बाल रूप की पूजा की जाती है, जिन्हें बालाजी नाम से जाना जाता है. इसके अलावा मंदिर में प्रेतराज सरकार और कोतवाल कप्तान यानी भैरव बाबा की उपासना करने का भी विधान है.
तेज गति से चलने लगती हैं सांसें
कई भक्तों ने अनुभव किया है कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में उनकी सांसें सामान्य से तेज चलने लगती हैं. मन में बेचैनी और अजीब सी उलझन रहती है, जो मंदिर से बाहर कदम रखते ही शांत हो जाती है.
भक्त करते हैं अजीबो-गरीब हरकतें
बता दें कि राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में लोग बुरी आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. यहां पर लोगों का चिल्लाना, अजीब आवाजें निकालना या बेहोश होना आम बात है, जिसे भूत-प्रेत से जोड़ा जाता है.
पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए
मंदिर में आए भक्तों को कई बार ऐसा लगता है कि कोई उन्हें बुला रहा है, जिसे मुड़कर देखना ठीक नहीं होता है. कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में पीछे मुड़कर देखता है तो उसके ऊपर नकारात्मक शक्तियां हावी हो जाती हैं.
घर लेकर नहीं जाना चाहिए प्रसाद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भक्तजन मेहंदीपुर बालाजी मंदिर का प्रसाद अपने साथ घर लेकर नहीं जाते हैं. यदि गलती से कोई व्यक्ति अपने साथ मंदिर का प्रसाद घर लेकर जाता है तो नकारात्मक शक्तियां उसका पीछा नहीं छोड़ती हैं.