वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

झीरम घाटी केस में फैसला टला, एनआईए जांच पर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल

प्रकाशित: 01-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कांकेर,(छत्तीसगढ़ ब्यूरो)। बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में एनआईए कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। 31 अगस्त को फैसले की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन सुनवाई के बाद अदालत ने निर्णय की तारीख आगे बढ़ा दी। फैसले से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की एनआईए जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि मामले की जांच में एफआईआर में नामजद लोगों से आवश्यक पूछताछ नहीं की गई। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि जांच का फोकस घटना के पीछे कथित साजिश रचने वालों तक पहुंचने पर पर्याप्त रूप से नहीं रहा।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री से झीरम मामले की जांच राज्य सरकार को सौंपने की मांग की थी। राज्य सरकार की ओर से एसआईटी गठित किए जाने के बाद एनआईए के हाईकोर्ट जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। बघेल ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार ने मामले की आगे जांच के लिए कोई ठोस पहल नहीं की है और इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार इस प्रकरण को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। इससे पहले पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी झीरम घाटी हमले की जांच और उस दिन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। सिंहदेव ने कहा था कि वह स्वयं इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं और जगदलपुर पहुंचकर एनआईए के समक्ष अपनी आंखों देखी पूरी घटना का बयान दर्ज करा चुके हैं।उन्होंने दावा किया था कि हमले के दिन पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम थी और रास्ते में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं किया गया था।