पिथौरागढ़ में भारत-नेपाल समन्वय बैठक सम्पन्न
प्रकाशित: 01-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
पिथौरागढ़ ,(वीअ)। भारत-नेपाल समन्वय बैठक जिला कार्यालय सभागार, पिथौरागढ़ में आयोजित हुई। बैठक में पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के साथ नेपाल के सीमावर्ती जिलों बैतड़ी एवं दार्चुला के प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने भारत की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदु रखे। वहीं नेपाल की ओर से बैतड़ी की मुख्य जिलाधिकारी मीना अर्याल तथा दार्चुला के मुख्य जिलाधिकारी वर्तराज पौडेल ने अपने-अपने पक्ष एवं सुझाव प्रस्तुत किए। सीमा सुरक्षा, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचनाओं के आदान-प्रदान, अपराध एवं तस्करी पर प्रभावी रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय पुलिस, एसएसबी, कस्टम एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सहमति बनी। दोनों देशों के अधिकारियों ने सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं एवं इनपुट्स को समयबद्ध रूप से साझा करने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने तथा सीमापार आवाजाही करने वाले व्यक्तियों के सत्यापन एवं दस्तावेजों की जांच को लेकर नियमित समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध सामग्री के आदान-प्रदान, वन्य उत्पादों की अवैध तस्करी एवं व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।बाढ़, भूस्खलन, भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दोनों देशों के बीच त्वरित समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। आपदा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं को समय पर साझा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एक-दूसरे को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुलों की नियमित निगरानी, सुरक्षा एवं रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों ने चर्चा की। दोनों देशों की ओर से सीमा क्षेत्र में आवागमन से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।बैठक के अंत में दोनों देशों के अधिकारियों ने भारत-नेपाल के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग को और अधिक मजबूत करने तथा नियमित अंतराल पर समन्वय बैठकें आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। अधिकारियों ने बैठक में उठाए गए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित दोनों देशों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने भारत की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदु रखे। वहीं नेपाल की ओर से बैतड़ी की मुख्य जिलाधिकारी मीना अर्याल तथा दार्चुला के मुख्य जिलाधिकारी वर्तराज पौडेल ने अपने-अपने पक्ष एवं सुझाव प्रस्तुत किए। सीमा सुरक्षा, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचनाओं के आदान-प्रदान, अपराध एवं तस्करी पर प्रभावी रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय पुलिस, एसएसबी, कस्टम एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर सहमति बनी। दोनों देशों के अधिकारियों ने सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं एवं इनपुट्स को समयबद्ध रूप से साझा करने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने तथा सीमापार आवाजाही करने वाले व्यक्तियों के सत्यापन एवं दस्तावेजों की जांच को लेकर नियमित समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध सामग्री के आदान-प्रदान, वन्य उत्पादों की अवैध तस्करी एवं व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।बाढ़, भूस्खलन, भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दोनों देशों के बीच त्वरित समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। आपदा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं को समय पर साझा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एक-दूसरे को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुलों की नियमित निगरानी, सुरक्षा एवं रखरखाव के संबंध में भी अधिकारियों ने चर्चा की। दोनों देशों की ओर से सीमा क्षेत्र में आवागमन से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।बैठक के अंत में दोनों देशों के अधिकारियों ने भारत-नेपाल के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग को और अधिक मजबूत करने तथा नियमित अंतराल पर समन्वय बैठकें आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। अधिकारियों ने बैठक में उठाए गए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित दोनों देशों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।