उपराज्यपाल ने किया दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय का दौरा
प्रकाशित: 01-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली , (वीअ)। दिल्ली के उप-राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने आज टोडापुर स्थित दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने ट्रैफिक यूनिट के कामकाज की समीक्षा की और ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं को कम करने के उपायों पर अधिकारियों के साथ बातचीत की।
उप-राज्यपाल ने ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें ताकि ट्रैफिक का आवागमन सुचारू हो, सड़क अनुशासन का सख्ती से पालन हो और जाम वाले इलाकों (हॉटस्पॉट) का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने सुरक्षित सड़कें बनाने, ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए नागरिकों की भागीदारी और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और बेहतर ढंग से प्रबंधित दिल्ली के लिए एक समन्वित, तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण जरूरी है। इस मौके पर विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अजय चौधरी ,संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) संजय त्यागी, ट्रैफिक विभाग के 3 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, साथ ही ट्रैफिक विभाग के डीसीपी और दो एसीपी भी मौजूद थे। उप-राज्यपाल को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इनमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को जागरूक करने के लिए 'ट्रैफिक पाठशाला', ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में नागरिक एजेंसियों और अन्य हितधारकों को शामिल करने के लिए 'ट्रैफिक पंचायत', और खतरनाक ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ विशेष अभियान शामिल हैं। उप-राज्यपाल को दिल्ली में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही ट्रैफिक व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख, गणमान्य व्यक्ति और शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा पुख्ता और तकनीक-आधारित इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
उप-राज्यपाल ने ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें ताकि ट्रैफिक का आवागमन सुचारू हो, सड़क अनुशासन का सख्ती से पालन हो और जाम वाले इलाकों (हॉटस्पॉट) का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने सुरक्षित सड़कें बनाने, ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए नागरिकों की भागीदारी और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और बेहतर ढंग से प्रबंधित दिल्ली के लिए एक समन्वित, तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण जरूरी है। इस मौके पर विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अजय चौधरी ,संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) संजय त्यागी, ट्रैफिक विभाग के 3 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, साथ ही ट्रैफिक विभाग के डीसीपी और दो एसीपी भी मौजूद थे। उप-राज्यपाल को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इनमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को जागरूक करने के लिए 'ट्रैफिक पाठशाला', ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में नागरिक एजेंसियों और अन्य हितधारकों को शामिल करने के लिए 'ट्रैफिक पंचायत', और खतरनाक ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ विशेष अभियान शामिल हैं। उप-राज्यपाल को दिल्ली में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही ट्रैफिक व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख, गणमान्य व्यक्ति और शीर्ष प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा पुख्ता और तकनीक-आधारित इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।