वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

ईरान पर हमले की चेतावनी और शेयर बाजार में हाहाकार! Sensex और Nifty धड़ाम, निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबे

प्रकाशित: 02-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ईरान पर हमले की चेतावनी और शेयर बाजार में हाहाकार! Sensex और Nifty धड़ाम, निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबे
गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex 1,464 अंक (2.00%) टूटकर 71,669 पर खुला, जबकि Nifty 50 466 अंक (2.06%) गिरकर 22,213 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट की बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया सख्त बयान माना जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगले 2–3 हफ्तों में अमेरिकी सेना ईरान पर बड़ा सैन्य अभियान चला सकती है।
एक दिन पहले आई थी बाजार में जोरदार तेजी
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मिशन जल्दी पूरा हो सकता है, लेकिन मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने और युद्ध लंबा खिंचने की आशंका से निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिससे बाजार में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई।
दिलचस्प बात यह है कि इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को बाजार का रुख बिल्कुल उल्टा था। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते बाजार में जोरदार तेजी आई थी। BSE Sensex 1,186.77 अंक (1.65%) उछलकर 73,134.32 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 50 348 अंक (1.56%) बढ़कर 22,679.40 पर पहुंच गया था।
ट्रंप के बयान से बिगड़ा खेल
बुधवार की तेजी के बाद निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार नई ऊंचाइयों को छुएगा, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बदल दिया और गुरुवार को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई।
10 लाख करोड़ स्वाहा
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सुबह के कारोबार में ही करीब 10 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 412 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
ग्लोबल बाजारों पर भी इसका असर साफ दिखाई दिया। Nikkei 225 करीब 1.4% गिरकर 53,004 पर ट्रेड करता नजर आया। वहीं KOSPI 3.4% टूटकर 5,292 तक आ गया। Hang Seng Index भी 0.8% की गिरावट के साथ 25,082 के स्तर पर रहा।
सिर्फ एशियाई बाजार ही नहीं, बल्कि अमेरिका के बाजारों पर भी दबाव देखने को मिला। यूएस मार्केट के फ्यूचर्स 0.9% से ज्यादा की गिरावट में कारोबार करते दिखे, जिससे यह संकेत मिला कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों में अनिश्चितता और डर का माहौल बना हुआ है।