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मनोहर लाल ने 2,935 करोड़ की लागत वाले इंदौर-उज्जैन गलियारे की नींव रखी

प्रकाशित: 21-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
इंदौर (मध्यप्रदेश), (भाषा)। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को लगभग 2,935 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इंदौर-उज्जैन गलियारे की नींव रखी।
उन्होंने कहा कि चार लेन वाली इस 48 किलोमीटर लंबी सड़क से राज्य के दोनों प्रमुख शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा और विकास को गति मिलेगी। मनोहर लाल ने इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में आयोजित भूमिपूजन समारोह में कहा, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच की दूरी कम होगी और उनका रिश्ता और प्रगाढ़ होगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 5,657 करोड़ रुपये की मदद भी दी गई जिसमें लाभार्थियों को आवास और स्वरोजगार के लिए प्रदान की गई राशि शामिल है। मनोहर लाल ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी के पिछले 12 वर्षों के रिकॉर्ड कार्यकाल में देश में आधारभूत ढांचे, जन कल्याण, गरीबी उन्मूलन और अन्य क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार इस अवधि में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। भूमिपूजन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से राज्य में विकास की रफ्तार तेज होगी। यादव ने कहा कि यह गलियारा इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक पहुंच के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि 48 किलोमीटर लंबा इंदौर-उज्जैन गलियारा, इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से 2028 के दौरान उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी।
सिंहस्थ कुंभ मेला भगवान शिव के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग वाली धार्मिक नगरी उज्जैन में हर 12 साल में क्षिप्रा नदी के तट पर लगता है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि मनोहर लाल और यादव की मौजूदगी में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 2,548 करोड़ रुपये की लागत वाले 42,000 से अधिक आवासों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इसके साथ ही, 992 करोड़ रुपये की लागत से बने 38,000 से अधिक मकानों में लाभार्थियों का सांकेतिक गृह प्रवेश कराया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 446 करोड़ रुपये की लागत वाली 116 परियोजनाओं का लोकार्पण और 310 करोड़ रुपये की लागत वाली 37 परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।