नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले देशभर में मॉक ड्रिल , सुरक्षा कड़ी
प्रकाशित: 21-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन समाचार ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के प्रयासों के तहत शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल की गई।
राष्ट्रीय राजधानी स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कार्यालय में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई। प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद मूल परीक्षा रद्द किए जाने के करीब सात सप्ताह बाद रविवार को 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी पुनर्परीक्षा में शामिल होंगे। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर देशभर में आक्रोश पैदा हुआ, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए और मामला अदालतों तक पहुंचा। पुनर्परीक्षा भारत के 551 और विदेश के 14 शहरों में अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजकर 15 मिनट तक आयोजित की जाएगी। अतिरिक्त समय पाने के पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों को शाम छह बजकर 20 मिनट तक परीक्षा देने की अनुमति होगी। अभ्यर्थियों को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न डेढ़ बजे के बीच परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने को कहा गया है।एनटीए ने कहा, परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार अपराह्न "ाrक डेढ़ बजे बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एनटीए ने कहा कि वह पुनर्परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बलों और सुरक्षा दलों को सौंपी गई है। एजेंसी के अनुसार, पुनर्परीक्षा के आयोजन में विभिन्न एजेंसियों और प्रशासन के अलग-अलग स्तरों के बीच करीबी समन्वय स्थापित किया गया है। शहर स्तर पर व्यवस्था की निगरानी के लिए 674 नगर समन्वयक और परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। एनटीए ने बताया कि पुनर्परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत दो लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा के कड़े उपायों के तहत प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है।
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तैयारियों का आकलन करने और पुनर्परीक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए वरिष्" अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बै"कें की हैं।
सरकार ने टेलीग्राम तक पहुंच पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी। एनटीए ने कहा कि यह कदम नकल कराने वाले गिरोहों से निपटने के उद्देश्य से उ"ाया गया।
एनटीए ने अभ्यर्थियों को सीधे प्रामाणिक जानकारी देने के लिए सत्यापित व्हाट्सऐप चैनल शुरू किया है।
कई राज्यों ने अभ्यर्थियों के लिए सहायता उपायों की घोषणा भी की है। इनमें यात्रा संबंधी तनाव कम करने और परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकारी बसों में मुफ्त परिवहन की सुविधा शामिल है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने अपने अधीन आने वाले सभी मेडिकल कॉलेज और संस्थानों को असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर 20 और 21 जून को छात्रों को छुट्टी नहीं देने का निर्देश दिया है। यह कदम उन घटनाओं के मद्देनजर उ"ाया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के कुछ छात्र परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता प्रभावित कर सकने वाली गतिविधियों में शामिल पाए गए थे।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने के प्रयासों के तहत शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल की गई।
राष्ट्रीय राजधानी स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कार्यालय में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई। प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद मूल परीक्षा रद्द किए जाने के करीब सात सप्ताह बाद रविवार को 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी पुनर्परीक्षा में शामिल होंगे। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर देशभर में आक्रोश पैदा हुआ, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए और मामला अदालतों तक पहुंचा। पुनर्परीक्षा भारत के 551 और विदेश के 14 शहरों में अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजकर 15 मिनट तक आयोजित की जाएगी। अतिरिक्त समय पाने के पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों को शाम छह बजकर 20 मिनट तक परीक्षा देने की अनुमति होगी। अभ्यर्थियों को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न डेढ़ बजे के बीच परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने को कहा गया है।एनटीए ने कहा, परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार अपराह्न "ाrक डेढ़ बजे बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एनटीए ने कहा कि वह पुनर्परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बलों और सुरक्षा दलों को सौंपी गई है। एजेंसी के अनुसार, पुनर्परीक्षा के आयोजन में विभिन्न एजेंसियों और प्रशासन के अलग-अलग स्तरों के बीच करीबी समन्वय स्थापित किया गया है। शहर स्तर पर व्यवस्था की निगरानी के लिए 674 नगर समन्वयक और परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। एनटीए ने बताया कि पुनर्परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत दो लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा के कड़े उपायों के तहत प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है।
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तैयारियों का आकलन करने और पुनर्परीक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए वरिष्" अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बै"कें की हैं।
सरकार ने टेलीग्राम तक पहुंच पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी। एनटीए ने कहा कि यह कदम नकल कराने वाले गिरोहों से निपटने के उद्देश्य से उ"ाया गया।
एनटीए ने अभ्यर्थियों को सीधे प्रामाणिक जानकारी देने के लिए सत्यापित व्हाट्सऐप चैनल शुरू किया है।
कई राज्यों ने अभ्यर्थियों के लिए सहायता उपायों की घोषणा भी की है। इनमें यात्रा संबंधी तनाव कम करने और परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकारी बसों में मुफ्त परिवहन की सुविधा शामिल है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने अपने अधीन आने वाले सभी मेडिकल कॉलेज और संस्थानों को असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर 20 और 21 जून को छात्रों को छुट्टी नहीं देने का निर्देश दिया है। यह कदम उन घटनाओं के मद्देनजर उ"ाया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के कुछ छात्र परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता प्रभावित कर सकने वाली गतिविधियों में शामिल पाए गए थे।