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सैमसंग ‘सॉल्व फॉर टुमॉरो' ने छात्रों को एआई और डिजाइन थिंकिंग के साथ नवाचार की राह दिखाई

प्रकाशित: 19-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
गाज़ियाबाद,(वीअ)। जैसे-जैसे डिजिटल प्लेट़फॉर्म भारतीयों के रोज़मर्रा की सेवाओं तक पहुँचने के तरीके को बदल रहे हैं, युवा इनोवेटर तेज़ी से यह पता लगा रहे हैं कि नई तकनीकें कैसे ज़्यादा आसान, कुशल और यूज़र-sंडली अनुभव बना सकती हैं। गाज़ियाबाद के न्यू एरा स्कूल में आयोजित सैमसंग 'सॉल्व फ़ॉर टुमॉरो' की डिज़ाइन थिंकिंग वर्कशॉप में, छात्रों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल डिलीवरी इकोसिस्टम के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकता है। 'सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो' सैमसंग इंडिया का एक खास एजुकेशन और इनोवेशन प्रोग्राम है। इसे देश की अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को असल दुनिया की चुनौतियों के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान बनाने के लिए सशक्त बनाने के मकसद से शुरू किया गया है। इस वर्कशॉप में 300 से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें सैमसंग की 'डिज़ाइन थिंकिंग' कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया - यह एक ऐसी मानव-केंद्रित पद्धति है जो प्रतिभागियों को समाधान विकसित करने से पहले यूज़र की ज़रूरतों को गहराई से समझने के लिए प्रोत्साहित करती है। भाग लेने वालों में साइंस की छात्राएं दिशा गर्ग और राशि शर्मा भी शामिल थीं, जिन्होंने तेज़ी से बदलते डिजिटल डिलीवरी इकोसिस्टम में मौकों को तलाशने का फ़ैसला किया।
पहले से तय किसी समाधान से शुरुआत करने के बजाय, दोनों ने ग्राहकों, डिलीवरी पार्टनर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स के अनुभवों को समझने पर ध्यान दिया, ताकि ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जा सके जहाँ टेक्नोलॉजी सुविधा, पारदर्शिता और यूज़र अनुभव को और बेहतर बना सके।
एम्पैथी मैपिंग, स्टेकहोल्डर एनालिसिस और प्रॉब्लम-डेफिनिशन एक्सरसाइज़ से मिली जानकारी के आधार पर, उन्होंने एक एआई इनेबल्ड एप्लीकेशन का कॉन्सेप्ट तैयार किया। इसे डिलीवरी जर्नी के अलग-अलग चरणों में बेहतर जानकारी के आदान-प्रदान और फ़ैसले लेने की प्रािढया को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था।