पीट हेगसेथ का नाटो सहयोगियों पर तीखा हमला, यूरोप में अमेरिकी सैन्य बलों की समीक्षा का ऐलान
प्रकाशित: 19-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ब्रसेल्स, (एपी)। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बृहस्पतिवार को नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संग"न) सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला और यूरोप में अमेरिकी सैन्य बलों की छह महीने की पेंटागन समीक्षा की घोषणा की।
हेगसेथ ने संकेत दिया कि यह इस बात पर निर्भर करेगी कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी कितनी तेजी से स्वयं उ"ाते हैं। उन्होंने ब्रसेल्स में अपने नाटो समकक्षों से कहा, यह एक वास्तविक समीक्षा होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि नाटो तेजी से और अपरिवर्तनीय रूप से उस दिशा में आगे बढ़े, जिसमें यूरोप नेतृत्व करे और यूरोप की रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी स्वयं संभाले। हेगसेथ ने ईरान पर हमले करने के लिए यूरोप में अड्डों तक अमेरिकी बलों को पहुंच प्रदान नहीं करने के लिए यूरोपीय सहयोगियों की तीखी आलोचना की और इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, इन सहयोगी देशों ने हमारे जवानों की सुरक्षा को जोखिम में डाला है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य बलों को सैन्य अड्डों तक पहुंच की सुविधा और हवाई मार्गों से गुजरने की अनुमति नहीं दी, जो कभी भी सवालों के घेरे में नहीं होना चाहिए था। बै"क की शुरुआत में अपने संबोधन में हेगसेथ ने यूरोप की आव्रजन और लैंगिक समानता संबंधी नीतियों की भी तीखी आलोचना की। उनकी टिप्पणियां पिछले साल फरवरी में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के उन बयानों की याद दिलाती हैं, जिनसे कई यूरोपीय देश नाराज हो गए थे। हेगसेथ ने कहा, टैंकों, लड़ाकू विमानों और वायु रक्षा प्रणालियों पर ध्यान देने के बजाय प्राथमिकता लैंगिक समानता, जलवायु परिवर्तन और रक्षा खर्च में कटौती को दी गई। यूरोप की सीमाएं पूरी तरह खुल गईं, कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ता गया और रक्षा बजट लगातार घटता गया। इसके साथ ही यूरोप का खुद पर और अपनी सभ्यता पर भरोसा भी कमजोर पड़ता गया। हालांकि, हेगसेथ की टिप्पणियां मौजूदा यूरोपीय नीतियों की तस्वीर पूरी तरह पेश नहीं करतीं। रक्षा के मोर्चे पर यूरोपीय सहयोगी देशों और कनाडा ने रक्षा खर्च बढ़ाने तथा अपनी सेनाओं का विस्तार करने के लिए अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने बृहस्पतिवार को कहा कि इन देशों ने पिछले वर्ष रक्षा पर 90 अरब अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त खर्च किए, जो 2024 की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं, शरणार्थियों को रोकने के लिए अधिकांश यूरोपीय देशों ने अब अपनी सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी है।
हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अब 32 सदस्यीय देशों वाले इस संग"न का नए सिरे से पुनर्ग"न करना चाहता है, ताकि इसे नाटो 3.0 के रूप में विकसित किया जा सके, जो किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से सामना कर सके। हेगसेथ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ सप्ताह पहले ही अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को बता दिया था कि यदि उनमें से किसी एक पर हमला होता है तो वह पहले की तरह कुछ युद्धपोत और विमान उपलब्ध नहीं कराएगा। इसके बाद यूरोपीय सहयोगी देश और कनाडा इस कमी को पूरा करने के उपाय तलाश रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी एवं नाटो के सर्वेच्च सैन्य कमांडर यूरोप की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक योजनाओं पर काम कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने तीन जून को संकेत दिया था कि किसी संकट की स्थिति में वह अब विमानवाहक पोत और उसके सहयोगी जहाज, हवाई ईंधन भरने वाले विमान तथा लड़ाकू विमान समेत कई सैन्य संसाधन उपलब्ध नहीं कराएगा।
हेगसेथ ने संकेत दिया कि यह इस बात पर निर्भर करेगी कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी कितनी तेजी से स्वयं उ"ाते हैं। उन्होंने ब्रसेल्स में अपने नाटो समकक्षों से कहा, यह एक वास्तविक समीक्षा होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि नाटो तेजी से और अपरिवर्तनीय रूप से उस दिशा में आगे बढ़े, जिसमें यूरोप नेतृत्व करे और यूरोप की रक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी स्वयं संभाले। हेगसेथ ने ईरान पर हमले करने के लिए यूरोप में अड्डों तक अमेरिकी बलों को पहुंच प्रदान नहीं करने के लिए यूरोपीय सहयोगियों की तीखी आलोचना की और इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, इन सहयोगी देशों ने हमारे जवानों की सुरक्षा को जोखिम में डाला है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य बलों को सैन्य अड्डों तक पहुंच की सुविधा और हवाई मार्गों से गुजरने की अनुमति नहीं दी, जो कभी भी सवालों के घेरे में नहीं होना चाहिए था। बै"क की शुरुआत में अपने संबोधन में हेगसेथ ने यूरोप की आव्रजन और लैंगिक समानता संबंधी नीतियों की भी तीखी आलोचना की। उनकी टिप्पणियां पिछले साल फरवरी में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के उन बयानों की याद दिलाती हैं, जिनसे कई यूरोपीय देश नाराज हो गए थे। हेगसेथ ने कहा, टैंकों, लड़ाकू विमानों और वायु रक्षा प्रणालियों पर ध्यान देने के बजाय प्राथमिकता लैंगिक समानता, जलवायु परिवर्तन और रक्षा खर्च में कटौती को दी गई। यूरोप की सीमाएं पूरी तरह खुल गईं, कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ता गया और रक्षा बजट लगातार घटता गया। इसके साथ ही यूरोप का खुद पर और अपनी सभ्यता पर भरोसा भी कमजोर पड़ता गया। हालांकि, हेगसेथ की टिप्पणियां मौजूदा यूरोपीय नीतियों की तस्वीर पूरी तरह पेश नहीं करतीं। रक्षा के मोर्चे पर यूरोपीय सहयोगी देशों और कनाडा ने रक्षा खर्च बढ़ाने तथा अपनी सेनाओं का विस्तार करने के लिए अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने बृहस्पतिवार को कहा कि इन देशों ने पिछले वर्ष रक्षा पर 90 अरब अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त खर्च किए, जो 2024 की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं, शरणार्थियों को रोकने के लिए अधिकांश यूरोपीय देशों ने अब अपनी सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी है।
हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अब 32 सदस्यीय देशों वाले इस संग"न का नए सिरे से पुनर्ग"न करना चाहता है, ताकि इसे नाटो 3.0 के रूप में विकसित किया जा सके, जो किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से सामना कर सके। हेगसेथ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ सप्ताह पहले ही अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को बता दिया था कि यदि उनमें से किसी एक पर हमला होता है तो वह पहले की तरह कुछ युद्धपोत और विमान उपलब्ध नहीं कराएगा। इसके बाद यूरोपीय सहयोगी देश और कनाडा इस कमी को पूरा करने के उपाय तलाश रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी एवं नाटो के सर्वेच्च सैन्य कमांडर यूरोप की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक योजनाओं पर काम कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने तीन जून को संकेत दिया था कि किसी संकट की स्थिति में वह अब विमानवाहक पोत और उसके सहयोगी जहाज, हवाई ईंधन भरने वाले विमान तथा लड़ाकू विमान समेत कई सैन्य संसाधन उपलब्ध नहीं कराएगा।