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ट्रांस यमुना दिल्ली पर रेखा गुप्ता मेहरबान, 4 बड़े प्रोजेक्ट से बदलेगा नक्शा, बाजार से पुल तक सब होगा नया

प्रकाशित: 20-03-2026 | लेखक: कृष्ण देव पाठक
ट्रांस यमुना दिल्ली पर रेखा गुप्ता मेहरबान, 4 बड़े प्रोजेक्ट से बदलेगा नक्शा, बाजार से पुल तक सब होगा नया
दिल्ली की सूरत बदलने के लिए दिल्ली सरकार एक साथ बड़ी प्लानिंग कर रही है. खासतौर पर ट्रांस-यमुना क्षेत्र में भारी भीड़ को पर्याप्त सुविधाएं देने और विकास की गति को इस तरफ मोड़ने के लिए रेखा गुप्ता सरकार कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लाने की योजना बना रही है. संभावना है कि इन प्रस्तावों को अगले हफ्ते बजट सत्र में पेश किया जा सकता है और उनके लिए वित्तीय आवंटन मांगे जाने की संभावना है.
इस योजना के केंद्र में यमुना नदी पर बनने वाला एक पुल भी शामिल है, जिसका मकसद पूर्वी दिल्ली और शहर के मध्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है. अधिकारियों ने बताया कि इस पर चर्चा अभी शुरुआती चरण में है और ट्रांस-यमुना क्षेत्र विकास बोर्ड से पुल के संभावित स्थान और उसकी व्यावहारिकता का अध्ययन करने को कहा गया है.
लोहा पुल को हटाने की भी योजना
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक ट्रांस यमुना क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर करने और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए एक विकल्प पुराने लोहा पुल को हटाने का भी है. इसकी जगह पर नया पुल बनाए जाने की योजना पर भी विचार बन रहा है. यह नया पुल लोहा पुल की जगह पर ही या सिग्नेचर ब्रिज के पास भी बनाया जा सकता है.
वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक के इलाके पर फोकस
इस अध्ययन में वजीराबाद से लेकर कालिंदी कुंज तक के पूरे इलाके को शामिल किया जाएगा, जिसमें ट्रैफिक के बहाव, भीड़भाड़ वाले पॉइंट्स और तकनीकी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि लोहा पुल अब पुराना हो चुका है, और एक नया पुल बनने से ट्रैफिक को समान रूप से डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे उत्तर-पूर्वी, उत्तरी और मध्य दिल्ली के बीच संपर्क और मजबूत होने की संभावना होगी.
इसके अलावा रेलवे अधिकारी लोहा पुल के समानांतर एक नए पुल को बनाने पर विचार कर रहे हैं ताकि वहां से ट्रेनों का आवागमन भी हो सके और वाहनों को निकलने के लिए भी रास्ता मिल सके. बता दें कि लोहा पुल को लेकर पहले भी कई बार रिपोर्ट्स आती रहीं हैं कि इसकी जगह पर दूसरा पुल बनाया जाना चाहिए, नहीं तो यह किसी बड़ी वारदात को न्यौता दे सकता है.
एक ऐलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाना संभव
सरकार के सूत्रों की ओर से बताया गया कि दिल्ली में बोर्ड ‘ट्रंक ड्रेन 1’ के किनारे चार किलोमीटर लंबा एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की भी योजना तैयार हो रही है. इसका मकसद महत्वपूर्ण स्वामी दयानंद मार्ग पर ट्रैफिक की भीड़ को कम करना है. यह मार्ग आनंद विहार को शाहदरा से जोड़ता है और पूर्वी दिल्ली के सबसे ज़्यादा भीड़भाड़ वाले रास्तों में से एक है. यह एलिवेटेड सड़क GT रोड पर स्थित शाहदरा फ्लाईओवर के पास, श्यामलाल कॉलेज और बिहारी कॉलोनी के नजदीक से शुरू होगी और करकरी मोड़ फ्लाईओवर के पास जाकर खत्म होगी.
हाल ही में लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश वर्मा, अरविंदर सिंह लवली और स्थानीय विधायकों ने मिलकर इस प्रोजेक्ट के स्थल का निरीक्षण किया और इसकी समीक्षा की.
गांधी नगर मार्केट के रीडेवलपमेंट की तैयारी
दिल्ली सरकार पूर्वी दिल्ली के कमर्शियल हब में नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के फिर कोशिश कर रही है. बोर्ड गांधी नगर मार्केट के लिए एक रीडेवलपमेंट प्लान तैयार कर रहा है, जिसे एशिया का सबसे बड़ा थोक कपड़ों का मार्केट माना जाता है. एक सर्वे करने और एक ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है.
बता दें कि आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होने के बावजूद, यह मार्केट अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जैसे कि सही सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, साफ-सफ़ाई और पीने का पानी आदि. अधिकारियों ने बताया कि इसके रीडेवलपमेंट का मकसद ट्रांस-यमुना बेल्ट में आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हुए, व्यापारियों और आने वालों दोनों के अनुभव को बेहतर बनाना है.