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बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव की मतगणना में धांधली के आरोप, सुनिए प्रत्याशी ने क्या कहा

प्रकाशित: 21-04-2026 | लेखक: कृष्ण देव पाठक
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव की मतगणना में धांधली के आरोप, सुनिए प्रत्याशी ने क्या कहा
नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) के चुनाव की चल रही मतगणना में प्रत्याशियों ने धांधली का आरोप लगाया है. बीसीडी के चुनाव में प्रत्याशी रहे 221 लोगों में से डेढ़ सौ प्रत्याशियों ने लिखित में शिकायत देकर धांधली के मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही कुछ प्रत्याशियों ने चुनाव रद्द करके दोबारा चुनाव कराने की भी मांग भी रखी है.
शिकायत के बाद 15 अप्रैल से मतगणना को रोक दिया गया है. शिकायत करने वाले प्रत्याशियों में से एक एडवोकेट रुद्र विक्रम सिंह ने ईटीवी भारत से बातचीत की. रुद्र विक्रम सिंह ने कहा कि बीसीडी चुनाव शुरू से ही विवादों में था. वोटिंग के समय भी ऐसे लोगों को चुनाव समिति में शामिल किया गया जो खुद प्रत्याशियों के खास थे और वह वोटिंग के समय पर प्रत्याशियों को वोट देने के लिए माहौल बनाते रहे. वोटिंग के बाद अब मतगणना में भी धांधली के मामले सामने आए हैं.
इस तरह की धांधली का आरोप: उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान प्रथम वरीयता के मतों की गिनती के बाद कोई भी प्रत्याशी 2300 वोट का कोटा पार नहीं कर पाया तो उसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई. इस दौरान प्रत्याशियों के खास लोग जो मतगणना में शामिल हैं, उन्होंने दूसरी वरीयता के मतों जैसे किसी प्रत्याशी के नाम कर आगे दो का अंक बना हुआ है तो उसके आगे 12 बनाने की कोशिश की गई. इस तरह से मतगणना में धांधली हुई है. वोटिंग के दौरान वोट देने के लिए इस्तेमाल की गई स्याही और मतगणना के दौरान धांधली के लिए इस्तेमाल की गई स्याही के पकड़ में आने के बाद इस मामले का पर्दाफाश हुआ है.
यह रखी मांग: उन्होंने आगे कहा कि करीब 150 से ज्यादा शिकायतें चुनाव अधिकारी रिटायर जस्टिस तलवंत सिंह को दी गई हैं. इसके बाद तिलक मार्ग थाना पुलिस ने एक मतगणना कर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है. यह मतगणना कर्मी डीयू का स्टूडेंट बताया जा रहा है. हमारी मांग है कि मतगणना से संबंधित शिकायतों का पहले निस्तारण किया जाए उसके बाद निष्पक्ष तरीके से काउंटिंग कराई जाए. अगर ऐसा नहीं होता है तो दोबारा से चुनाव कराया जाए.
चुनाव प्रक्रिया को बताया विवादित: एडवोकेट रूद्र विक्रम सिंह ने यह भी कहा कि मतगणना के लिए बाहर से ऐसे लोग हायर किए गए हैं जो खुद प्रत्याशियों के खास हैं तो उनके रहते हुए निष्पक्ष काउंटिंग होना संभव नहीं है. मतदान के समय भी चुनाव अधिकारी ने करीब 80 प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित किया था, लेकिन फिर रातों रात उनको कैसे योग्य कर दिया गया उस बात की भी कोई जानकारी बाकी प्रत्याशियों को नहीं दी गई थी. इस तरह से पूरे चुनाव की प्रक्रिया विवादित रही है.
शिकायत में कही गयी यह बात: डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, 15 अप्रैल को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के सचिव की ओर से शिकायत दी गई थी, जिसमें फरवरी 2026 में हुए चुनावों की काउंटिंग के दौरान गड़बड़ी की जानकारी दी गई. ये चुनाव 21, 22 और 23 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में हुए थे और 23 पदों के लिए 200 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे. मतगणना 7 मार्च से जारी है. शिकायत में बताया गया है कि 15 अप्रैल को एलिमिनेशन प्रक्रिया के दौरान बैलेट पेपर में व्यवस्थित तरीके से छेड़छाड़ की गई. कई मतपत्रों में सेकेंड प्रेफरेंस के अंक 2 के आगे 1 जोड़कर उसे '12' बना दिया गया. इसके बाद बैलेट नंबर 132 के पक्ष में दोबारा '2' अंकित कर दिया गया. इस तरह की हेरफेर से संबंधित उम्मीदवार को अनुचित लाभ पहुंचाने और अन्य उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई.