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विश्व शांति व समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना के साथ संपन्न हुई श्रीमद भागवत कथा

प्रकाशित: 15-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। पुरुषोत्तम मास में शांति विहार स्थित श्री हनुमान मंदिर में 8 दिवसीय श्रीमद भागवत महापुराण कथा का विश्व शांति व समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना के साथ समापन हुआ । कथा विराम के दिन कथा व्यास श्रीमद् भागवत कथा मर्मज्ञ स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय महात्यागी खालसा के श्री महंत एवं महामंडलेश्वर श्री राम गोविन्द दास महात्यागी जी महाराज द्वारा भी भागवत प्रेमियों पर ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा की गई ।
इस शुभ अवसर पर श्री सनातन धर्म समिति शांति विहार के प्रवीन कुमार गर्ग , रजनीश गुप्ता , राज कुमार गुप्ता , देवेंद्र कमनानी, अशोक शर्मा , लोकेश गुप्ता , सुरेन्द्र गुप्ता , मनोहर लाल गोयल , गाजीपुर होलसेल पेपर मार्किट के चेयरमैन राजीव शर्मा व संजय मित्तल सहित काफी तादाद में शांति विहार व उसके आसपास के धर्म प्रेमी मौजूद रहे ।
इस मौके पर काशीपुर से दिल्ली आए कथा व्यास स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज " ने कथा के अंतिम दिन संगीतमय कथा सुनाते हुए सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, शुकदेव जी महाराज की विदाई और कलियुग के प्रभाव की महिमा का उल्लेख करते हुए बताया कि इस युग में प्रभु नाम सुमिरन ऐसा महामंत्र है जिसके प्रभाव से पापी भी तर जाते हैं ।
इस मौके पर धर्मप्रेमियों पर ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा करते हुए महामंडलेश्वर श्री राम गोविन्द दास महात्यागी जी महाराज ने बताया कि श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान का वो कल्पवृक्ष है जो मनुष्य के जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है । इस महापुराण की कथा के श्रवण मात्र से इस युग में मनुष्य के मोक्ष की राह तक आसान हो जाती है ।