वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

क्वांटिटी के चक्कर में हम जहर तो नहीं खा रहे हैं : पहलाद पटेल

प्रकाशित: 15-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भोपाल ( ब्यूरो प्रमुख )। मैं किसान का बेटा हूँ। मैं व्यापार की भाषा नहीं जानता। मैं सिर्फ बीज जानता हूँ, फसल जानता हूँ या फिर अनाज के कुछ दाने जानता हूँ। धरती माता में ही ये सब पैदा होता है। अगर हम धरती से प्रेम करते हैं, तो उसे बचाने का संकल्प लीजिए। बीज हमारा नहीं है, हमारे पुरखों की धरोहर है। उसे भी अक्षुण्ण रखने की बात करिए, बहुत मॉडिफिकेशन हो गया।
अनाज की अपनी सीमाएँ हैं। उसकी क्वांटिटी और क्वालिटी, दोनों के बीच फर्क करना पड़ेगा। क्वांटिटी के चक्कर में हम जहर तो नहीं खा रहे हैं? ये भी पर्यावरण के लिए चुनौती है। इसलिए मैं मानता हूँ कि अगर शुद्ध पानी और शुद्ध हवा मिलती है, तो ये पर्यावरण का समुच्चय है। आज इंदौर में 'विधिज्ञ एक्सीलेन्स कॉन्क्लेव' के 11वें एडिशन में विधि विशेषज्ञों और न्यायिक अधिकारियों से पर्यावरण संरक्षण विषय पर संवाद करने एवं शपथ दिलाने का अवसर मिला। विधि विशेषज्ञ तारकेश्वर सिंह एवं विधि शिक्षाविद बाहुल शास्त्राr जी का इस आमंत्रण के लिए आभार। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आदरणीय सी.बी. सिंह, डायरेक्टर द्वय विधिज्ञ श्रीमती कृति शास्त्राr एवं समीप मोहन और दमोह के पूर्व जि.पं.अ. शिवचरण पटेल जी मौजूद थे।