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ट्रंप की हत्या की साजिश

प्रकाशित: 14-07-2026 | लेखक: अनिल नरेंद्र
ट्रंप की हत्या की साजिश
इजरायल ने अमेरिका के साथ ऐसी नई जानकारी देने का दावा किया है, जिसमें ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अमेरिकी मीडिया में यह दावा किया गया है। ट्रंप इस पर भड़क गए और अपना आपा खो बैठे हैं। अमेरिका का प्रतिष्ठित समाचार पत्र द वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक रिपोर्ट छपी है, जिसके मुताबिक इजरायल ने अमेरिका को बताया है कि उसके पास खुफिया रिपोर्ट है। खुफिया जानकारी है जिसके अनुसार तेहरान ट्रंप की हत्या की नई योजना बना रहा है। मोसाद ने ये इंटेल शेयर की है और ट्रंप से कहा है कि वे ईरान के टारगेट नंबर वन पर है। इसका नतीजा यह हुआ कि नाटो के समिट के बाद ट्रंप ने डर कर अपना नया एयर फोर्स वन बदल डाला और अमेरिका से पूरा एयर फोर्स वन मंगवाया और उसमें वापस अमेरिका पहुंचे। उधर ट्रंप ने दावा किया कि अगर ईरान उनकी हत्या करने में सफल होता है तो उन्होंने पहले ही एक आदेश दे रखा है कि अगर ईरान अमेरिका पर हमला करता है, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा ऐसा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा है कि 1000 मिसाइलें ईरान को अपने निशाने पर लिए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरान उनकी हत्या करने में सफल होता है तो उन्होंने पहले से ही एक आदेश दे रखा है। न्यूयार्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि इस आदेश के मुताबिक ईरान पर इतना बड़ा जवाबी हमला करे जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। सवाल उठता है कि क्या ट्रंप ऐसा कोई आदेश दे भी सकते हैं या फिर इतिहास में किसी नेता ने ऐसा आदेश दिया था। अमेरिकी संविधान के तहत कोई भी राष्ट्रपति ऐसा आदेश नहीं छोड़ सकता कि उसकी मौत के बाद अपने आप किसी देश पर हमला कर दिया जाए। किसी भी बड़े सैन्य अभियान का फैसला उस समय जो राष्ट्रपति होगा वही तय करेगा। क्योंकि कमांडर इन चीफ के आदेश पर ही अमेरिकी सेना ऐसा कुछ कर सकती है। ट्रंप का यह बयान सिर्फ ईरान के लिए नहीं बल्कि अमेरिकी जनता के लिए भी एक राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। एक तरफ वह अपने समर्थकों के सामने यह छवि बनाना चाहते हैं कि वह निडर हैं और सख्त नेता हैं जो किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे, दूसरी तरफ ईरान को यह संदेश देना चाहते हैं कि अगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो जवाब पूरे देश को मिलेगा। सभी जानते हैं कि इजरायल अमेरिका-ईरान के शांति-वार्ता से परेशान है और इसे हर हालत में तोड़ना चाहता है। वह ट्रंप कितने बहादुर हैं यह भी जानती है। इससे बेहतर क्या हो सकता है कि यह खबर चला दो कि आप ईरान के टारगेट नंबर वन हैं। इससे ट्रंप मजबूरन ईरान पर हमला कर देंगे और एक बार फिर युद्ध शुरू हो जाएगा। हुआ भी यही। अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए और ईरान ने भी जबर्दस्त जवाबी कार्रवाई कर दी। एक बार फिर मध्य-पूर्व जंग की आग में धकेल दिया गया। वैसे हम ट्रंप और नेतन्याहू से पूछना चाहते हैं कि जब आपने 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके लगभग पूरे परिवार को निशाना बनाया था, जिसमें उनकी 14 महीने की पोती भी शामिल थी, 40 से अधिक टॉप के मिलिट्री कमांडरों को निशाना बनाया था तब आपको यह ख्याल नहीं आया था कि ईरान भी ऐसा कर सकता है और अपने सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला ले सकता है? अब जब अपने पर पड़ी तो आप को नानी याद आ गई। वैसे भी इजरायल के मंत्री ने खुलेआम ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की हत्या करने की खुली धमकी दी थी। शहीद अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में आपने देखा होगा कि किस तरह करोड़ों लोगों ने अपने रहबर की हत्या का बदला लेने की कसम खाई थी। ईरान आपसे बदला ले सकता है और ले भी रहा है पर इस तरह नहीं जैसे नेतन्याहू और मोसाद आपको बेवकूफ बनाकर अपने हित साध रहा है।
-अनिल नरेन्द्र