वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज और ताजिकिस्तान के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक रिसर्च के बीच एमओयू हुए हस्ताक्षर

प्रकाशित: 15-10-2025 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज और ताजिकिस्तान  के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक रिसर्च के बीच एमओयू हुए हस्ताक्षर
दुशांबे (ताजिकिस्तान)। भारत और ताजिकिस्तान के बीच शैक्षणिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज़ (सीआईएस) और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक रिसर्च (सीएसआर) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्पाम ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित हुआ। एमईआरआई समूह की ओर से समूह के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल ने जबकि सीएसआर की ओर से निदेशक प्रो. उस्मोंज़ोदा के. उस्मों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज़ के प्रमुख एवं इंडिया-सेंट्रल एशिया फाउंडेशन के निदेशक प्रो. (डॉ.) रामकांत द्विवेदी, भारत के ताजिकिस्तान में राजदूत अंब. राजेश उइके, ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि सुब्होन कुरबोनोव, एमईआरआई स्टार्टअप के सीईओ लव अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह समझौता भारत और ताजिकिस्तान के बीच आपसी समझ, सहयोग और संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। इसके अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, गोलमेज चर्चाएं और अन्य कार्पाम आयोजित करेंगे, जो अंतर-राज्यीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित होंगे। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच शोध कार्यों, प्रकाशनों और विश्लेषणात्मक दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी होगा। इस अवसर पर प्रो. उस्मोंज़ोदा उस्मों ने दोनों संस्थानों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, अंब. राजेश उइके ने प्रो. द्विवेदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह एमओयू भारत-ताजिकिस्तान के बीच शैक्षणिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला साबित होगा।