चंडीगढ़ में 3-4 अप्रैल को कसौली रिद्म एंड ब्लूज़ फेस्टिवल का 10वां एडिशन, बच्चों के इलाज के लिए उठेगा हर सुर
प्रकाशित: 01-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में कसौली रिद्म एंड ब्लूज़ फेस्टिवल एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज में होने जा रहा है. दरअसल, 3 और 4 अप्रैल को कसौली के बैकुंठ रिज़ॉर्ट में आयोजित होने वाला यह 10वां एडिशन सिर्फ संगीत का उत्सव नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक बड़ा मंच है. पहाड़ों की खूबसूरत वादियों के बीच होने वाला यह आयोजन हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है.
बच्चों के दिलों के इलाज की पहल: इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों की मदद करना है. इसे जेनेसिस फाउंडेश द्वारा आयोजित किया जाता है. साल 2012 में शुरू हुई इस पहल ने अब तक 5400 से अधिक बच्चों के इलाज में सहयोग दिया है. फेस्टिवल से जुटाई गई पूरी राशि बच्चों की सर्जरी, इलाज और रिकवरी पर खर्च की जाती है.
फाउंडेशन का काम लोगों को नेक काम से जोड़ना: इस साल फेस्टिवल जहां अपने 10 साल पूरे कर रहा है. वहीं, फाउंडेशन भी 25 वर्षों की सफल यात्रा का जश्न मना रहा है. इस सफर के बारे में फाउंडर ट्रस्टी ज्योति सागर ने कहा कि, "सही समय पर इलाज मिलने से बच्चों की जान बचाई जा सकती है. यह फेस्टिवल उसी दिशा में एक मजबूत कदम है. यह आयोजन समाज को जागरूक करने और लोगों को एक नेक काम से जोड़ने का माध्यम है."
संगीत का शानदार संगम: इस बार फेस्टिवल में कई नामी और उभरते कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. इंडियन ओशन, निर्मला कानन, शमाजी एंड द हैप्पी फैक्ट्री, श्रेय टंडन और संजीता भट्टाचार्य जैसे कलाकार दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे. यह मंच नए टैलेंट को भी अवसर देता है.
पर्यावरण और विरासत पर फोकस: इस बार का आयोजन "1842 कसौली बाय स्केप्स" के सहयोग से किया जा रहा है. आयोजन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विरासत को बढ़ावा मिले. यह पहल फेस्टिवल को और भी खास बनाती है.
लोगों को जोड़ने का माध्यम: फाउंडर ट्रस्टी ज्योति सागर की मानें तो यह फेस्टिवल सिर्फ फंड जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनने का अवसर देता है. यहां आने वाले लोग संगीत का आनंद लेते हुए एक बड़ी पहल में योगदान करते हैं. ईस्टर वीकेंड पर होने वाला यह आयोजन दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है.
टिकट और खास सुविधाएं: फेस्टिवल के टिकट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म BookMyShow पर उपलब्ध हैं. 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एंट्री मुफ्त रखी गई है, जिससे परिवारों की भागीदारी और बढ़ सके. कुल मिलाकर यह फेस्टिवल संगीत, संवेदना और जिम्मेदारी का अनूठा संगम है. यह न केवल लोगों का मनोरंजन करता है, बल्कि कई बच्चों को जीवन का एक और मौका देने में मदद करता है.
बच्चों के दिलों के इलाज की पहल: इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों की मदद करना है. इसे जेनेसिस फाउंडेश द्वारा आयोजित किया जाता है. साल 2012 में शुरू हुई इस पहल ने अब तक 5400 से अधिक बच्चों के इलाज में सहयोग दिया है. फेस्टिवल से जुटाई गई पूरी राशि बच्चों की सर्जरी, इलाज और रिकवरी पर खर्च की जाती है.
फाउंडेशन का काम लोगों को नेक काम से जोड़ना: इस साल फेस्टिवल जहां अपने 10 साल पूरे कर रहा है. वहीं, फाउंडेशन भी 25 वर्षों की सफल यात्रा का जश्न मना रहा है. इस सफर के बारे में फाउंडर ट्रस्टी ज्योति सागर ने कहा कि, "सही समय पर इलाज मिलने से बच्चों की जान बचाई जा सकती है. यह फेस्टिवल उसी दिशा में एक मजबूत कदम है. यह आयोजन समाज को जागरूक करने और लोगों को एक नेक काम से जोड़ने का माध्यम है."
संगीत का शानदार संगम: इस बार फेस्टिवल में कई नामी और उभरते कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. इंडियन ओशन, निर्मला कानन, शमाजी एंड द हैप्पी फैक्ट्री, श्रेय टंडन और संजीता भट्टाचार्य जैसे कलाकार दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे. यह मंच नए टैलेंट को भी अवसर देता है.
पर्यावरण और विरासत पर फोकस: इस बार का आयोजन "1842 कसौली बाय स्केप्स" के सहयोग से किया जा रहा है. आयोजन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विरासत को बढ़ावा मिले. यह पहल फेस्टिवल को और भी खास बनाती है.
लोगों को जोड़ने का माध्यम: फाउंडर ट्रस्टी ज्योति सागर की मानें तो यह फेस्टिवल सिर्फ फंड जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनने का अवसर देता है. यहां आने वाले लोग संगीत का आनंद लेते हुए एक बड़ी पहल में योगदान करते हैं. ईस्टर वीकेंड पर होने वाला यह आयोजन दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है.
टिकट और खास सुविधाएं: फेस्टिवल के टिकट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म BookMyShow पर उपलब्ध हैं. 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एंट्री मुफ्त रखी गई है, जिससे परिवारों की भागीदारी और बढ़ सके. कुल मिलाकर यह फेस्टिवल संगीत, संवेदना और जिम्मेदारी का अनूठा संगम है. यह न केवल लोगों का मनोरंजन करता है, बल्कि कई बच्चों को जीवन का एक और मौका देने में मदद करता है.