मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सबके लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रकाशित: 18-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चंडीगढ़, (पवन आश्री)। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, यहां के नौजवानों, किसानों, बहनें-बेटियां, सबके लिए बेहतरीन काम कर रही है। बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने का जो रास्ता हरियाणा सरकार ने दिखाया है, वो इतना आसान नहीं था, लेकिन ये भाजपा सरकार ने करके दिखाया है। हरियाणा अब तेज़ विकास के पथ पर दौड़ रहा है। खेती हो या फिर उद्योग, ये दो ऐसे पहिए हैं, जो हरियाणा को सशक्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री पावार को जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद जींद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो, असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, हरियाणा विधानसभा डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा उपस्थित रहे।
श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणवी में कहा कि यहां आकर मन गदगद हो गया है। यो कोई साधारण धरती नहीं सै। यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै। शक्ति पीठ माता जयंतियां का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। यहां के लोगों ने जो अपनत्व दिया, जो प्रेम दिया, वो आज तक नहीं भूला। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी, जींद का देसी बुरा, और यहां का घेवर, ये वो यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने वर्षों में जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद, बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही, विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्पाम, डबल इंजन की बीजेपी सरकार के इसी मिशन को, नई ऊर्जा से भर रहा है।उन्होंने कहा कि आज जींद, हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज यहां से, देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। आज भी हम पढ़ते हैं, सुनते हैं कि भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का पा आएगा, तो जींद का, सोनीपत का, हरियाणा का नाम भी आएगा। उन्होंने कहा कि आज 14 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे, हाईवे, विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स हैं और दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। इससे यहां के नौजवानों के लिए, डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स बनने के नए रास्ते भी बनेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के 5 लाभार्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबी सौंप कर उनके अपने घर का सपना पूरा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जींद और हरियाणा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता से स्वागत पहल को लोगों ने जिस गंभीरता से लिया है, वो दिल खुश कर देने वाला है। पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया में सफाई अभियान की भारी चर्चा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग यह तय कर लें कि स्वच्छता ही हमारा स्वभाव बने, स्वच्छता ही हमारे संस्कार बना देंगे, हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्नीसवीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से बने थे। बीसवीं सदी की पहचान, डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी, और अब इक्कीसवीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। आज भारतीय रेल ने भी, इक्कीसवीं सदी की इस टेक्नोलॉजी में एक बड़ा स्टेप लिया है। आज जींद से सोनीपत के बीच, हाइड्रोजन ट्रेन चली है। अभी ये सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन भविष्य में इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी आई है, करीब 7-8 साल पहले ही अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के 3 या 4 देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। और जिन देशों में अभी ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चल भी रही है, वहां बहुत शुरुआती दौर में है। लेकिन जींद से सोनीपत चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, 3200 हॉर्स पावर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, भारत की हाइड्रोजन ट्रेन, सबसे लंबी भी है। भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर, दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है।
प्रधानमंत्री पावार को जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद जींद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो, असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, हरियाणा विधानसभा डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा उपस्थित रहे।
श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणवी में कहा कि यहां आकर मन गदगद हो गया है। यो कोई साधारण धरती नहीं सै। यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै। शक्ति पीठ माता जयंतियां का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। यहां के लोगों ने जो अपनत्व दिया, जो प्रेम दिया, वो आज तक नहीं भूला। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी, जींद का देसी बुरा, और यहां का घेवर, ये वो यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने वर्षों में जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद, बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही, विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्पाम, डबल इंजन की बीजेपी सरकार के इसी मिशन को, नई ऊर्जा से भर रहा है।उन्होंने कहा कि आज जींद, हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज यहां से, देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। आज भी हम पढ़ते हैं, सुनते हैं कि भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का पा आएगा, तो जींद का, सोनीपत का, हरियाणा का नाम भी आएगा। उन्होंने कहा कि आज 14 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे, हाईवे, विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स हैं और दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। इससे यहां के नौजवानों के लिए, डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स बनने के नए रास्ते भी बनेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के 5 लाभार्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबी सौंप कर उनके अपने घर का सपना पूरा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जींद और हरियाणा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता से स्वागत पहल को लोगों ने जिस गंभीरता से लिया है, वो दिल खुश कर देने वाला है। पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया में सफाई अभियान की भारी चर्चा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग यह तय कर लें कि स्वच्छता ही हमारा स्वभाव बने, स्वच्छता ही हमारे संस्कार बना देंगे, हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्नीसवीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से बने थे। बीसवीं सदी की पहचान, डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी, और अब इक्कीसवीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। आज भारतीय रेल ने भी, इक्कीसवीं सदी की इस टेक्नोलॉजी में एक बड़ा स्टेप लिया है। आज जींद से सोनीपत के बीच, हाइड्रोजन ट्रेन चली है। अभी ये सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन भविष्य में इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी आई है, करीब 7-8 साल पहले ही अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के 3 या 4 देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। और जिन देशों में अभी ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चल भी रही है, वहां बहुत शुरुआती दौर में है। लेकिन जींद से सोनीपत चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, 3200 हॉर्स पावर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, भारत की हाइड्रोजन ट्रेन, सबसे लंबी भी है। भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर, दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है।