सिंधू जापान ओपन के फाइनल में
प्रकाशित: 19-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
तोक्यो, (भाषा)। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू दो साल से अधिक समय में पहली बार फाइनल में पहुंच गई जब तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन जापान की चेन युफेइ ने जापान ओपन महिला एकल सेमीफाइनल में शनिवार को बीच में ही कोर्ट छोड़ दिया। सिंधू उस समय 21 . 19, 15 . 10 से आगे थी जब चेन को मांसपेशी की चोट के कारण पीछे हटना पड़ा। यह लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल के बाद सिंधू का पहला फाइनल होगा। वह 2024 मलेशिया ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट में भी उपविजेता रही थी। आखिरी बार उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 खिताब जीता था। मैच के बाद सिंधू ने कहा, मुझे खुशी है कि फाइनल में पहुंच सकी।
उन्होंने कहा , मेरे लिये हर मैच पहले मैच की तरह है , खासकर आज का मैच। शुरू से ही फोकस बनाये रखना जरूरी था क्योंकि शीर्ष रैकिंग के खिलाड़ियों के खिलाफ हर अंक मायने रखता है।
फाइनल में रविवार को सिंधू का सामना जापान की अकाने यामागुची से होगा जिन्होंने इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी को दूसरे सेमीफाइनल में हराया। यामागुची का सिंधू के खिलाफ रिकॉर्ड 14 . 10 का है जिनमें पिछले छह में से पांच मैच उन्होंने जीते हैं।
सिंधू ने सेमीफाइनल मैच के बाद कहा , मैंने अपना फोकस बनाये रखा था और मेरे कोच भी बार बार यही कह रहे थे। पहले गेम में मैने बढत बना ली थी लेकिन वह काफी करीब आ गई जिसके बाद फोकस बनाये रखना जरूरी था। कई बार आगे चलने के बाद अंक गंवाने से निराशा आ जाती है। दिमाग में काफी कुछ चल रहा होता है।
उन्होंने कहा , मेरे लिये हर मैच पहले मैच की तरह है , खासकर आज का मैच। शुरू से ही फोकस बनाये रखना जरूरी था क्योंकि शीर्ष रैकिंग के खिलाड़ियों के खिलाफ हर अंक मायने रखता है।
फाइनल में रविवार को सिंधू का सामना जापान की अकाने यामागुची से होगा जिन्होंने इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी को दूसरे सेमीफाइनल में हराया। यामागुची का सिंधू के खिलाफ रिकॉर्ड 14 . 10 का है जिनमें पिछले छह में से पांच मैच उन्होंने जीते हैं।
सिंधू ने सेमीफाइनल मैच के बाद कहा , मैंने अपना फोकस बनाये रखा था और मेरे कोच भी बार बार यही कह रहे थे। पहले गेम में मैने बढत बना ली थी लेकिन वह काफी करीब आ गई जिसके बाद फोकस बनाये रखना जरूरी था। कई बार आगे चलने के बाद अंक गंवाने से निराशा आ जाती है। दिमाग में काफी कुछ चल रहा होता है।