वांगचुक को स्थानांतरित करना लोकतंत्र पर प्रहार : कांग्रेस
प्रकाशित: 19-07-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। कांग्रेस ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल स्थानांतरित करने की पुलिस कार्रवाई की शनिवार को कड़ी आलोचना की और इस कार्रवाई को देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा बताया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 111 दिन तक मां गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बै"s प्रो जी.डी. अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलंपिक पहलवान हों, हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फिर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन, इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, इनकी नजर में कोई भी अगर आवाज उ"ाता है तो वह राष्ट्र विरोधी है, परजीवी है। जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है। खरगे ने कहा, कोटा और देहरादून से छात्रों की गूंज का आगाज हो चुका हैö8230÷यह दिल्ली की दहलीज तक जरूर पहुंचेगी। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स कहा, हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज उ"ाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है। लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है। उन्होंने कहा, इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज दुनिया के सबसे अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र-विरोधी राजनीतिक दल के कब्जे में है। खेड़ा ने कहा, दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस आयुक्त दिया है। अगर आज की बर्बर कार्रवाई आयुक्त साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ पता चलता है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज्यादा सत्ता के प्रति है। उन्होंने कहा, महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटना हो या पूर्व सैनिकों के साथ बदसलूकी करना- यह सरकार बार-बार दिखा चुकी है कि उसे न संविधान की इज्जत है और न ही लोकतांत्रिक मर्यादा की। कांग्रेस नेता ने कहा, आज की घटना ने एक बार फिर इस सोच को बेनकाब कर दिया है। इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि कानून एवं व्यवस्था की एक समस्या है, जिसे डंडे के जोर पर कुचलना सही माना जाता है। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने इसके लिए चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और चिकित्सकों की निगरानी में उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर सोनम वांगचुक की चिकित्सकीय जांच कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 111 दिन तक मां गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बै"s प्रो जी.डी. अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलंपिक पहलवान हों, हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फिर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन, इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, इनकी नजर में कोई भी अगर आवाज उ"ाता है तो वह राष्ट्र विरोधी है, परजीवी है। जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है। खरगे ने कहा, कोटा और देहरादून से छात्रों की गूंज का आगाज हो चुका हैö8230÷यह दिल्ली की दहलीज तक जरूर पहुंचेगी। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स कहा, हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज उ"ाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है। लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है। उन्होंने कहा, इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र आज दुनिया के सबसे अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र-विरोधी राजनीतिक दल के कब्जे में है। खेड़ा ने कहा, दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, और कल ही इसी मंत्रालय ने दिल्ली को नया पुलिस आयुक्त दिया है। अगर आज की बर्बर कार्रवाई आयुक्त साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ पता चलता है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज्यादा सत्ता के प्रति है। उन्होंने कहा, महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटना हो या पूर्व सैनिकों के साथ बदसलूकी करना- यह सरकार बार-बार दिखा चुकी है कि उसे न संविधान की इज्जत है और न ही लोकतांत्रिक मर्यादा की। कांग्रेस नेता ने कहा, आज की घटना ने एक बार फिर इस सोच को बेनकाब कर दिया है। इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि कानून एवं व्यवस्था की एक समस्या है, जिसे डंडे के जोर पर कुचलना सही माना जाता है। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने इसके लिए चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और चिकित्सकों की निगरानी में उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर सोनम वांगचुक की चिकित्सकीय जांच कर रहे हैं।