सजने लगा है बुढ़ापे का बाजार
प्रकाशित: 16-04-2026 | लेखक: संपादकीय टीम
हमारे देश में बुजुर्गों की देखभाल का स्वरुप अब बदलने लगा है, हालाँकि यह कहानी अभी अमीर बुजुर्गों तक पहुंची है मगर इसके विस्तार की चर्चाएं सुनाई देने लगी है। बुजुर्गों को कल तक परिवार का वट वृक्ष मानकर देखभाल की जाती थी अब यह परिवार से निकलकर संगठित बाजार का रूप ले चुकी है। इसे सिल्वर इकॉनामी का नाम दिया गया है। नीति आयोग की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल से जुड़ा सिल्वर इकॉनामी का यह मार्केट वर्ष 2030 तक 50 अरब डालर यानि सवा चार लाख करोड़ रूपये तक पहुँचने का अनुमान है। बुजुर्गों की देखभाल का यह नवीन तरीका अब विशेष ऐप और सोशल मीडिया रोबोट जैसे आधुनिक विचार व्यवहार शामिल हो गए है। एक रिपोर्ट के अनुसार आज देश में बुजुर्ग आबादी साढ़े दस करोड़ हो गई बताई जाती है और देखभाल का बाजार करीब 58, 450 करोड़ का हो गया है। इनमें से केवल पौने छह फीसदी बुजुर्ग अकेले रहते है। बताया जा रहा है बुजुर्गों का यह बाजार निरंतर बढ़ता जा रहा है। बाजार अब लग्जरी बुढ़ापा बेचने की तैयारी में है। यह भी कहा जा रहा है लग्जरी बुढ़ापा का यह बाजार काफी महंगा है। इसकी कीमत 50 हज़ार से दो लाख रुपया महीना है। इसका मतलब अब बुढ़ापा अमीरों तक सिमट गया है। निर्धन बुजुर्गों का बुढ़ापा अस्पतालों की लाइनों और सरकारी पेंशन तक रह गया है। ऐसे में यह आवाज भी जोर शोर से उठ रही है की सरकार को देखभाल की इस समस्या से निपटने के लिए आगे आना चाहिए। इसी भांति लग्जमबर्ग इंस्टीट्यूट ऑ़फ हेल्थ ने 24 हज़ार भारतीय परिवारों पर की अपनी एक स्टडी में खुलासा किया है कि 85 प्रतिशत बुज़ुर्गों को अपने परिवार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलती। इनमें विधवा महिलाऐं ज्यादा पीड़ित है। आर्थिक समाजिक असुरक्षा का सबसे बुरा असर महिलाओं पर पड़ रहा है।
देश और दुनिया में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में आगामी 2030 तक प्रत्येक 6 में से एक व्यक्ति की आयु 60 वर्ष से ज्यादा होंगी। हमारे देश की बात करें तो भारत की बुजुर्ग आबादी अगले दशक में 41 प्रतिशत तक बढ़ जाने का अनुमान है, यानी 2031 तक इस देश में 194 मिलियन वरिष्ठ नागरिक हो जाएंगे। यह जानकारी एक सरकारी रिपोर्ट में दी गई है। दुनिया के कुछ देश बुजुर्गों को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य सहित सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं सुलभ करा रहे है। मगर हमारे देश में बुजुर्गों को पेंशन की सुविधा जरूर दी जा रही है मगर अन्य आवश्यक सुविधाओं की दृष्टि से हम बहुत पीछे है।
-बाल मुकुन्द ओझा,
जयपुर, राजस्थान।
देश और दुनिया में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में आगामी 2030 तक प्रत्येक 6 में से एक व्यक्ति की आयु 60 वर्ष से ज्यादा होंगी। हमारे देश की बात करें तो भारत की बुजुर्ग आबादी अगले दशक में 41 प्रतिशत तक बढ़ जाने का अनुमान है, यानी 2031 तक इस देश में 194 मिलियन वरिष्ठ नागरिक हो जाएंगे। यह जानकारी एक सरकारी रिपोर्ट में दी गई है। दुनिया के कुछ देश बुजुर्गों को एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य सहित सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं सुलभ करा रहे है। मगर हमारे देश में बुजुर्गों को पेंशन की सुविधा जरूर दी जा रही है मगर अन्य आवश्यक सुविधाओं की दृष्टि से हम बहुत पीछे है।
-बाल मुकुन्द ओझा,
जयपुर, राजस्थान।