करीब 180 दिन बाद फिर खुले बाबा केदार के कपाट, गैर हिंदुओं के प्रवेश पर लगा BAN
प्रकाशित: 22-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल गए हैं. विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ करीब 180 दिन बाद बाबा केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. कपाट के खुलते ही पूरा धाम हर-हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोष से गूंज उठा. खास मौके का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु मंदिर के बाहर मौजूद थे. सभी बाबा की झलक पाने के लिए तरस रहे थे.
भक्तों में जबरदस्त उत्साह
दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से लंबी कतारों में खड़े रहे. ठंडे मौसम और कठिन पहाड़ी रास्तों के बाद भी भक्तों के उत्साह में कोई भी कमी नहीं दिख रही है. कई यात्री रात भर से लाइन में लगकर बाबा केदार के दर्शन का इतंजार कर रहे थे. जैसे ही बुधवार सुबह मंदिर के कपाट खुले, ठीक वैसे ही मंदिर के गर्भगृह में बाबा केदार की पंचमुखी स्वयंभू शिवलिंग की विधिवत पूजा अर्चना और आरती की गई.
प्रशासन ने व्यापक रूप से की सभी तैयारियां
श्रद्धालुओं के भारी उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का व्यापक इंतजाम किया है. क्राउड मैनेजमेंट, मेडिकल फैसिलिटी और रूट मैनेजमेंट के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं. प्रशासन सुनिश्चित कर रहा है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो. उम्मीद है कि मौसम इस साल अनुकूल रह सकता है, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
मंदिर समिति लगातार यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान दे रहा है. हेलीकॉप्टर सेवा, पैदल मार्ग और घोड़ा खच्चर सेवाओं को भी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है. केदारनाथ न सिर्फ धार्मिक स्थल है बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है. मान्यता है कि बाबा केदार के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उनको आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है.
रविवार को खोले गए थे यमुनोत्री के कपाट
रविवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर उत्तराखंड के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे. इन दोनों मंदिरों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर की गई थी. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री मंदिर में आयोजित हुए उद्धाटन समारोह में शिरकत की. उन्होंने देश की बढ़ोतरी के लिए प्रार्थना की है.
गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन
पहली बार बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. गंगोत्री धाम में प्रवेश करते वक्त गैर-हिंदुओं को पंचगव्य ग्रहण करना चाहिए. वहीं, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं को प्रवेश करने के लिए सनातन धर्म में आस्था की पुष्टि करने वाला एक एफिडेविट जमा करना होगा.
भक्तों में जबरदस्त उत्साह
दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से लंबी कतारों में खड़े रहे. ठंडे मौसम और कठिन पहाड़ी रास्तों के बाद भी भक्तों के उत्साह में कोई भी कमी नहीं दिख रही है. कई यात्री रात भर से लाइन में लगकर बाबा केदार के दर्शन का इतंजार कर रहे थे. जैसे ही बुधवार सुबह मंदिर के कपाट खुले, ठीक वैसे ही मंदिर के गर्भगृह में बाबा केदार की पंचमुखी स्वयंभू शिवलिंग की विधिवत पूजा अर्चना और आरती की गई.
प्रशासन ने व्यापक रूप से की सभी तैयारियां
श्रद्धालुओं के भारी उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का व्यापक इंतजाम किया है. क्राउड मैनेजमेंट, मेडिकल फैसिलिटी और रूट मैनेजमेंट के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं. प्रशासन सुनिश्चित कर रहा है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो. उम्मीद है कि मौसम इस साल अनुकूल रह सकता है, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
मंदिर समिति लगातार यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान दे रहा है. हेलीकॉप्टर सेवा, पैदल मार्ग और घोड़ा खच्चर सेवाओं को भी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है. केदारनाथ न सिर्फ धार्मिक स्थल है बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है. मान्यता है कि बाबा केदार के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उनको आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है.
रविवार को खोले गए थे यमुनोत्री के कपाट
रविवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर उत्तराखंड के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे. इन दोनों मंदिरों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर की गई थी. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री मंदिर में आयोजित हुए उद्धाटन समारोह में शिरकत की. उन्होंने देश की बढ़ोतरी के लिए प्रार्थना की है.
गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन
पहली बार बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. गंगोत्री धाम में प्रवेश करते वक्त गैर-हिंदुओं को पंचगव्य ग्रहण करना चाहिए. वहीं, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं को प्रवेश करने के लिए सनातन धर्म में आस्था की पुष्टि करने वाला एक एफिडेविट जमा करना होगा.