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वाणिज्यिक पोत का अपहरण, 22 भारतीय थे सवार

प्रकाशित: 22-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वाणिज्यिक पोत का अपहरण, 22 भारतीय थे सवार
नई दिल्ली, (भाषा)। यमन और सोमालिया के तट के पास अलग-अलग घटनाओं में सशस्त्र समुद्री डाकुओं ने दो वाणिज्यिक पोत का अपहरण कर लिया। इन पोत पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार हैं। पोत परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पावार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि ताजा जानकारी के अनुसार, दोनों पोत पर सवार भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि सशस्त्र समुद्री डाकुओं ने 20 अगस्त को इरिट्रिया के ध्वज वाले तेल उत्पाद टैंकर एम टी सिबू 1 का अदन की खाड़ी में यमन के तट से करीब 30 समुद्री मील दूर अपहरण कर लिया। उन्होंने बताया कि पोत पर सवार चालक दल के 20 सदस्यों में 16 भारतीय और सीरिया, सूडान एवं इराक का एक-एक नागरिक शामिल है, जबकि एक अन्य नाविक की राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। कैमरून के ध्वज वाले एक अन्य पोत एम/वी लुतुफ का 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास अपहरण कर लिया गया। इस पोत के चालक दल के 10 सदस्यों में छह भारतीय हैं। फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में ईरान युद्ध के बीच भारतीय नाविकों के सामने मौजूद खतरों को लेकर चिंता जताई। संगठन ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि यह वीडियो 21 भारतीयों समेत चालक दल के 22 सदस्यों वाले एक पोत के अपहरण का है और यह घटना 22 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई थी। यह वीडियो पावार को पोस्ट किया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि एफएसयूआई किसी अलग अपहरण की घटना का उल्लेख कर रहा था या हाल में हुई इन घटनाओं का। पोत परिवहन मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, भर्ती एवं नियुक्ति सेवा लाइसेंस (आरपीएसएल) एजेंसी एस के एस कृषि मरीन सर्विसेज (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड से मिली जानकारी के अनुसार, छह सशस्त्र समुद्री डाकू फिलहाल एम टी सिबू 1 पर सवार हैं और उन्होंने पोत को अपने नियंत्रण में ले लिया है। अधिकारी ने बताया कि आरपीएसएल एजेंसी को घटना की रिपोर्ट और उसके बाद समय-समय पर मिलने वाली जानकारी ई-नाविक ऑनलाइन समुद्री दुर्घटना रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से जमा करने को कहा गया है।
समुद्री जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली जानकारी से संकेत मिलता है कि इस घटना से पहले एक अनधिकृत पोत इस टैंकर के पास आया था। यह घटना ऐसे समय हुई है जब इस साल सोमालिया के तट और अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती की घटनाएं बढ़ी हैं। अधिकारी और समुद्री सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास कैमरून के ध्वज वाले एम/वी लुतुफ का समुद्री डाकुओं ने अपहरण कर लिया। इसके चालक दल के 10 सदस्यों में छह भारतीय हैं। अधिकारी ने कहा, जानकारी के अनुसार, आठ समुद्री डाकू दो छोटी नौकाओं से पोत पर चढ़े। उनके पास एके-47 जैसे हथियार थे। उन्होंने कहा, चालक दल के सदस्य शुरू में पोत के सुरक्षित कक्ष में एकत्र हो गए थे, लेकिन समुद्री डाकू वहां पहुंच गए और बाद में उन्हें पोत के नियंत्रण कक्ष (ब्रिज) में ले आए। पोत फिलहाल समुद्री डाकुओं के नियंत्रण में है। अब तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एसोसिएटेड प्रेस ने सोमालिया के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि पोत को पुंटलैंड के ईल जिले में मराया से करीब साढ़े तीन समुद्री मील दूर कब्जे में लिया गया और बाद में उसे सोमालिया के नुगाल तट की ओर ले जाया गया।
पोत के चालक दल में छह भारतीयों के अलावा तुर्किये और जॉर्जिया का एक-एक नागरिक तथा सर्बिया के दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
मालवाहक पोत एम/वी लुतुफ तुर्किये के हथियार, संचार एवं उपग्रह उपकरण लेकर मोगादिशु स्थित तुर्किये के एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र जा रहा था।
इन आठ सशस्त्र समुद्री डाकुओं पर पहले हुई अपहरण की एक अन्य घटना में भी शामिल होने का संदेह है। वे पोत को नुगाल तट की ओर ले गए।
अपहरण की ये दोनों घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब भारतीय नाविकों को क्षेत्र के अन्य हिस्सों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में भी बढ़ती सुरक्षा चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ये घटपाम भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि फिलीपीन के बाद भारत दुनिया में नाविक उपलब्ध कराने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
बाल्टिक एंड इंटरनेशनल मैरीटाइम काउंसिल (बिम्को) और इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (आईसीएस) की 2026 की सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट के अनुसार, भारत 3,11,936 नाविक उपलब्ध कराता है। इससे दुनिया भर में वाणिज्यिक जहाजों के चालक दल के सामने आने वाले जोखिमों से भारतीय नाविकों के बड़ी संख्या में प्रभावित होने की आशंका का पता चलता है।