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मानव-तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, तीन राज्यों में स्पा से 10 पीड]िताओं को बचाया गया: दिल्ली पुलिस

प्रकाशित: 13-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नयी दिल्ली, (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव-तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो महिलाओं और लड़कियों को स्पा सेंटरों में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश से 10 पीड]िताओं को मुक्त कराया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि नौ मई को दक्षिण पुरी से 15 वर्षीय लड़की के लापता होने के बाद जांच शुरू हुई। उसकी मां की शिकायत के बाद आंबेडकर नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था।
वरिष्" पुलिस अधिकारी ने कहा, wजांच के दौरान, एक टीम ने पाया कि लड़की से कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया गया था और उसे अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी और बेहतर जीवनशैली का वादा किया गया था और फिर उसे दिल्ली से बाहर ले जाया गया था।w
तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला कि लड़की को गुजरात के मुंद्रा ले जाया गया था।
टीम एक निजी वाहन से वहां गई और स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे कच्छ के मुंद्रा में एक होटल में चल रहे स्पा से बरामद किया। स्पा मालिक दामनी सुशील हरेश उर्फ सुशील (31) और रिसेप्शनिस्ट लक्ष्य (20) को दो किशोरों के साथ पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि आगे की जांच में पुलिस उत्तर प्रदेश के बलिया पहुंची, जहां एक स्पा सेंटर से सात लड़कियों को बचाया गया। दो कथित संचालकों मोनू शर्मा और संजीव मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया।
बाद में दिल्ली के गणेश नगर में एक परिसर से दो लड़कियों को बचाया गया और परिसर का कथित तौर पर संचालन करने वाली 27 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने कहा, wआरोपी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया मंच और व्यक्तिगत संपर्कों के माध्यम से कमजोर लड़कियों की पहचान की, उन्हें स्पा केंद्रों में आकर्षक वेतन वाली नौकरी और आवास का वादा किया।w
पुलिस ने कहा कि पीड]िताओं को दिल्ली से कथित तौर पर विभिन्न राज्यों में ले जाया गया और गिरोह से जुड़े स्पा संचालकों को सौंप दिया गया।
गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के अलावा, विनय उर्फ महादेव की पहचान दिल्ली स्थित एक समन्वयक के रूप में की गई है, जिसने कथित तौर पर परिवहन व आवास आदि की व्यवस्था की थी। पुलिस ने कहा कि लड़कियों को ले जाने में परिवहन में कथित रूप से मदद करने वाला प्रिंस फरार है।
पुलिस ने कहा कि अभियान के दौरान तीन किशोरों को पकड़ा गया। उनमें से दो को उनके बयानों के आधार पर पीड]ित माना गया, जिसके बाद एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई।