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असम चुनाव से पहले नया विवाद: CM सरमा का 'प्‍वाइंट ब्‍लैंक शॉट', वीडियो और राजनीतिक हंगामा

प्रकाशित: 09-02-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
असम चुनाव से पहले नया विवाद: CM सरमा का 'प्‍वाइंट ब्‍लैंक शॉट', वीडियो और राजनीतिक हंगामा
नई दिल्ली:
असम बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल से मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का मुस्लिम पहचान वाले लोगों पर प्वाइंट ब्लैंक शॉट (Point-blank shot) दिखाने वाला वीडियो सामने आते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया. विपक्ष ने इसे नफरत और हिंसा भड़काने वाला बताते हुए न्यायिक कार्रवाई की मांग की है. यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि पिछले एक साल से भी अधिक समय से सीएम सरमा के विशेष समुदाय पर लगातार दिए जा रहे तीखे बयानों से पहले ही राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा हुआ है और चुनाव से पहले अब इस मुद्दे ने मामले को और भड़का दिया है.
नरमी बरते बिना हो कड़ी कार्रवाई
हिमंता बिस्वा सरमा का वीडियो असम बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल से हटा लिया गया है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस ने रविवार को बीजेपी की असम यूनिट के ‘एक्स' पर मौजूद आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए गए वीडियो को लेकर सत्तारूढ़ दल पर तीखा प्रहार किया. कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें 'अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या' दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है. न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए.
CM हिमंता का 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट'
अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए, जिनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है. वीडियो के कैप्शन में 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट' लिखा गया था. कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर बीजेपी की कड़ी आलोचना करते हुए ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया. यह नरसंहार का खुला आह्वान है- एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है.'
इसे नॉर्मल ‘ट्रोल' कंटेंट मानकर नजरअंदाज न करें
वेणुगोपाल ने कहा कि इसे नॉर्मल ‘ट्रोल' कंटेंट मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा, '(प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए.' कांग्रेस इस मुद्दे को जरूर असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल करेगी.