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गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे क्यों मनाया जाता है, जानिए ईसाइयों के लिए क्यों है खास?

प्रकाशित: 03-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
 गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे क्यों मनाया जाता है, जानिए ईसाइयों के लिए क्यों है खास?
हर साल अप्रैल के पहले शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाता है. इस साल गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को मनाया जा रहा है. यह दिन मनन, प्रार्थना और शांति से याद करने का होता है. इस दिन प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने की स्मृति की जाती है. यह दिन त्याग, आशा और विश्वास का संदेश देता है. इस दिन कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ भावपूर्ण शुभकामनाएं और संदेश भी शेयर करते हैं. अप्रैल का महीना ईसाइयों के लिए पवित्र माना जाता है. अप्रैल के पहले शुक्रवार को कैथोलिक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और प्रथाओं में भाग लेते हैं, जो उनके विश्वास को गहरा करने और उनकी आध्यात्मिक मान्यताओं से जुड़ने में सहायक होते हैं.
गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है?
गुड-फ्राइडे का दिन सभी ईसाइयों के लिए बेहद खास और पवित्र होता है, क्योंकि इसी दिन यीशु मसीह को क्रॉस (सूली) पर चढ़ाया गया था. यीशु मसीह का यह कदम मानवता को पापों से मुक्ति दिलाने के लिए था. माना जाता है कि यीशु मसीह ने मानव जाति के पापों को दूर करने और लोगों को ईश्वर के मार्ग पर ले जाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था. इस दिन चर्च बिल्कुल शांत होते हैं और सिर्फ प्रार्थनाएं और गहन चिंतन किया जाता है.
यह दिन ईसाई धर्म की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होता है, जहां उन्होंने अपने ईश्वर को खोया है. उनके बलिदान को याद करते हुए ईसाई समुदाय के लोग शांति और प्रार्थनाओं के साथ गुड फ्राइडे मनाते हैं. माना जाता है कि दोपहर के 12 बजे से 3 बजे के बीच यीशु मसीह को क्रॉस पर लटकाया गया था और इसी समय उन्होंने सबसे अधिक पीड़ा सही थी. इस समय चर्च और घरों में शांति से उनकी पीड़ा को कम करने के लिए प्रार्थना की जाती है.
ईस्टर संडे क्यों मनाया जाता है?
गुड फ्राइडे के दो दिन बाद ईस्टर संडे सेलिब्रेट किया जाता है. इस बार ईस्टर संडे 5 अप्रैल को मनाया जाने वाला है. माना जाता है कि गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यीशु मसीह पुनर्जीवित हो गए थे. यह दिन ईसाइयों के लिए नई आशा और उम्मीद का दिन होता है, जिसमें अच्छाई और सच्चाई को सर्वोपरि माना गया. ईस्टर संडे का दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर भी मनाया जाता है.