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एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय समिति की द्वितीय बैठक सम्पन्न

प्रकाशित: 23-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कंट्रोल एवं समन्वय तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की रोकथाम, तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, नशा मुक्ति जागरूकता अभियान तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए तथा उनकी संवेदनशीलता कम करने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, तस्करी एवं अवैध व्यापार की रोकथाम के लिए सघन कार्रवाई करते हुए अधिकतम बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थों का निस्तारण निर्धारित मानक संचालन प्रािढया (एसओपी) के अनुरूप किया जाए। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्यवाही भी की जाए। उन्होंने प्री-कर्सर रसायनों एवं नियंत्रित पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम हेतु भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नशा मुक्ति जागरूकता अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएं तथा सिनेमाघरों, डिजिटल एवं अन्य जनसंचार माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला स्तर पर सभी विभागों के समन्वय से एनकॉर्ड के माध्यम से विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।
उन्होंने एनडीपीएस न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रभावी पैरवी करने, नशा मुक्ति केंद्रों को और अधिक सुदृढ़ एवं विस्तारित करने तथा प्रदेश में भांग की लाइसेंसी दुकानों की नियमित समीक्षा कर आवश्यकता के अनुरूप उनकी संख्या सीमित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में एनकॉर्ड जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित हों तथा विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाया जाए। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए कॉलेजों एवं छात्रावासों में आवश्यकता अनुसार रैंडम आधार पर रैपिड टेस्टिंग किट के माध्यम से परीक्षण किए जाने तथा सकारात्मक पाए जाने वाले युवाओं की काउंसलिंग के माध्यम से पुनर्वास सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया।