ख्वाब से बेदार होकर हकीकत को पहचानें आबिद रब्बानी
प्रकाशित: 17-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
बांदा। रविवार को शोबाए तब्लीग दारूल उलूम रब्बनी की मण्डल की 135 इत्तेहादी कमेटियों की वार्षिक बैठक का आयोजन अलीगंज स्थित मर्कजी दारूल उलूम रब्बानिया में किया गया। इस मौके पर मण्डल के चारें जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट व फतेहपुर के ग्रामों की कमेटियों के ओहदेदारों ने शिर्कत कर अपनी कमेटियों के किये गये कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
इस मौके पर कार्पाम को संबोधित करते हुए अमीर शोबाए तब्लीग दारूल उलूम रब्बानिया सैय्यद आबिद रब्बानी ने कहा कि जिंदगी एक ख्वाब की तरह है। जिसमे उलझने के बजाय लोगों को बेदार होकर हकीकत को पहचानना चाहिए और अल्लाह और उसके रसूल के बताये रास्ते पर चलना चाहिए। इंसान दो तरह के ख्वाब देखना है, एक सोते हुए देखना है, लेकिन जब आंख खुलती है तो उससे बेदार हो जाता है और जानता है कि यह केवल ख्वाब है। वहीं एक इंसान जागती आंखों से ख्वाब देखना है जो इस दुनिया की जिंदगी में होता है, लेकिन जब दुनिया से इंसान रूख्सत होता है और उसकी आंखें बंद होती है तो हकीकत उसके सामने आ जाती है। वहीं शहर काजी सैय्यद मेराज मसूदी अकील मियां ने कहा कि दारूल उलूम रब्बानिया की तरक्की की वजह उसका लोगों से मोहब्बत और अल्लाह और उसके रसूल का पैगाम लोगों तक पहुंचाना है। वहीं आमिर मसूदी ने कहा कि लोगों का अच्छा अखलाक ही लोगों को ज्यादा से ज्यादा लोगों से जोड़ने मदद करता है। लोग दुनिया से तो चले जाते हैं लेकिन उनके अच्छे काम और उनका अखलाक हमेशा याद किया जाता है। वहीं राशिद रब्बानी ने कहा कि बुन्देलखण्ड की सरजमीन से जिहालत को दूर करने में खानकाहे रब्बानियां के बुजुर्गों का बहुत बड़ा योगदान है। वहीं अमीर शोबाए तब्लीग दारूल उलूम रब्बानिया आबिद मियां ने अच्छा कार्य करने वाली कमेटियों के प्रमुखों को तोहफे देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर मुख्य रूप से शाहिद रब्बानी, अनवर रब्बानी, नय्यद रब्बानी,खुश्तर रब्बानी, गुफरान रब्बानी, असगर रब्बानी, फैजान रब्बानी, अशर रब्बानी, अदनान रब्बानी, अकबर रब्बानी, हनीफ रब्बानी आदि मौजूद रहे।
बांदा। रविवार को शोबाए तब्लीग दारूल उलूम रब्बनी की मण्डल की 135 इत्तेहादी कमेटियों की वार्षिक बैठक का आयोजन अलीगंज स्थित मर्कजी दारूल उलूम रब्बानिया में किया गया। इस मौके पर मण्डल के चारें जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट व फतेहपुर के ग्रामों की कमेटियों के ओहदेदारों ने शिर्कत कर अपनी कमेटियों के किये गये कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
इस मौके पर कार्पाम को संबोधित करते हुए अमीर शोबाए तब्लीग दारूल उलूम रब्बानिया सैय्यद आबिद रब्बानी ने कहा कि जिंदगी एक ख्वाब की तरह है। जिसमे उलझने के बजाय लोगों को बेदार होकर हकीकत को पहचानना चाहिए और अल्लाह और उसके रसूल के बताये रास्ते पर चलना चाहिए। इंसान दो तरह के ख्वाब देखना है, एक सोते हुए देखना है, लेकिन जब आंख खुलती है तो उससे बेदार हो जाता है और जानता है कि यह केवल ख्वाब है। वहीं एक इंसान जागती आंखों से ख्वाब देखना है जो इस दुनिया की जिंदगी में होता है, लेकिन जब दुनिया से इंसान रूख्सत होता है और उसकी आंखें बंद होती है तो हकीकत उसके सामने आ जाती है। वहीं शहर काजी सैय्यद मेराज मसूदी अकील मियां ने कहा कि दारूल उलूम रब्बानिया की तरक्की की वजह उसका लोगों से मोहब्बत और अल्लाह और उसके रसूल का पैगाम लोगों तक पहुंचाना है। वहीं आमिर मसूदी ने कहा कि लोगों का अच्छा अखलाक ही लोगों को ज्यादा से ज्यादा लोगों से जोड़ने मदद करता है। लोग दुनिया से तो चले जाते हैं लेकिन उनके अच्छे काम और उनका अखलाक हमेशा याद किया जाता है। वहीं राशिद रब्बानी ने कहा कि बुन्देलखण्ड की सरजमीन से जिहालत को दूर करने में खानकाहे रब्बानियां के बुजुर्गों का बहुत बड़ा योगदान है। वहीं अमीर शोबाए तब्लीग दारूल उलूम रब्बानिया आबिद मियां ने अच्छा कार्य करने वाली कमेटियों के प्रमुखों को तोहफे देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर मुख्य रूप से शाहिद रब्बानी, अनवर रब्बानी, नय्यद रब्बानी,खुश्तर रब्बानी, गुफरान रब्बानी, असगर रब्बानी, फैजान रब्बानी, अशर रब्बानी, अदनान रब्बानी, अकबर रब्बानी, हनीफ रब्बानी आदि मौजूद रहे।