मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
प्रकाशित: 04-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ,(वीअ)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जागरूक किया जाए। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के दौरान एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में 30 से 35 प्रतिशत तक कमी लाना है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क धूल, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट), हरित आवरण विस्तार तथा पराली प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेप किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में सभी प्रमुख गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए विभिन्न पोर्टलों, मोबाइल एप्लीकेशनों, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और डैशबोर्ड का एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाए। इससे सड़क सफाई, सड़क पुनर्विकास, हरितीकरण, निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों की वास्तविक समय में निगरानी संभव हो सकेगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वाहन क्षेत्र में ‘नया सफर' योजना के माध्यम से पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर बीएस-6, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एनसीआर के जिलों में लगभग 26.19 लाख एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों की पहचान की गई है। जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान 37,156 वाहनों को पैप किया गया तथा 460 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त 1 अक्टूबर 2026 से "ट्ट्रू पीयूसीसी, नो फtश्र" व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत एनसीआर के 1,041 पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जागरूक किया जाए। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के दौरान एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर में 30 से 35 प्रतिशत तक कमी लाना है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क धूल, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट), हरित आवरण विस्तार तथा पराली प्रबंधन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेप किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में सभी प्रमुख गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए विभिन्न पोर्टलों, मोबाइल एप्लीकेशनों, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और डैशबोर्ड का एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाए। इससे सड़क सफाई, सड़क पुनर्विकास, हरितीकरण, निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों की वास्तविक समय में निगरानी संभव हो सकेगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वाहन क्षेत्र में ‘नया सफर' योजना के माध्यम से पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर बीएस-6, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एनसीआर के जिलों में लगभग 26.19 लाख एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों की पहचान की गई है। जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान 37,156 वाहनों को पैप किया गया तथा 460 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त 1 अक्टूबर 2026 से "ट्ट्रू पीयूसीसी, नो फtश्र" व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत एनसीआर के 1,041 पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे स्थापित किए जाएंगे।