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कुवैत पर क्यों कोहराम मचा रहा ईरान?

प्रकाशित: 04-06-2026 | लेखक: अनिल नरेंद्र
कुवैत पर क्यों कोहराम मचा रहा ईरान?
ईरान ने अमेरिका के जवाबी हमले के विरोध में कुवैत को निशाने पर लिया है। कुवैत पर 72 घंटे में दो बड़े हमले किए गए। कुवैत में अमेरिका के कम से कम 7 बड़े बेस हैं। वहीं करीब 13 हजार अमेरिकी जवानों को कुवैत में रखा गया है। यूएई को छोड़कर कुवैत क्यों ईरान के निशाने पर आ गया इसके पीछे भी कारण है। ईरान इस कदर कुवैत से नाराज है कि महज 72 घंटों में उसने कुवैत पर ड्रोनों और मिसाइलों से बड़े हमले किए। ईरान का कहना है कि यह हमले बदला लेने के लिए किए गए हैं। ईरान ने स्पष्ट किया कि यह हमले कुवैत के रिहाइशी इलाकों पर नहीं बल्कि कुवैत स्थित अमेरिकी बेसों पर किए जा रहे हैं। बता दें कि अब तक अमेरिका से बदला लेने के लिए यूएई ईरान के निशाने पर था और ईरान ने यूएई पर सबसे ज्यादा हमले किए। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान जंग के दौरान तेहरान से यूएई पर करीब 2400 हमले किए थे। हालांकि वर्तमान में ईरान कुवैत के ठिकानों पर ही हमला कर रहा है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि यूएई को छोड़कर ईरान कुवैत को क्यों निशाने पर ले रहा है? इसके पीछे कई कारण नजर आते हैं। कुवैत फारस की खाड़ी के एक छोर पर स्थित है। यह ईरान के पड़ोस में है, जो अमेरिका का सहयोगी मुल्क है। यहां पर अमेरिका के कई बड़े सैन्य बेस हैं। इनमें कैंप अरिफिजान, कैंप बुहिरिंग और अल सलेम एयरबेस प्रमुख हैं। द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत में अमेरिका के 13 हजार जवान तैनात हैं। यूएई के मुकाबले कुवैत कूटनीति तौर पर काफी कमजोर है। मई के मध्य में ईरान ने कुवैत के एक द्वीप पर कब्जा करने का प्रयास किया था। हालांकि तेहरान को असफलता मिली थी। यूएई ईरान पर हमले करने में सक्षम है। अगर अमेरिका के बदले ईरान यूएई पर हमला करता है तो अबू धाबी पलटवार कर सकता है, इससे खाड़ी युद्ध में तेजी आ सकती है। बातचीत के बीच ईरान नो-रिस्क मोड में है। सबसे बड़ा कारण है कि हाल ही में ईरान पर जो हमले हुए वह कुवैत के अमेरिकी बेसों से ही हुए थे। इसीलिए जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत को निशाने पर लिया है।
-अनिल नरेन्द्र