श्रमिकों का सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता : योगी
प्रकाशित: 24-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
लखनऊ, (वीअ)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों को राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें सम्मान तथा सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है।श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बै"क में मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को अधिक प्रभावी तथा व्यापक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जिलों तक विस्तार देने, सेवामित्र व्यवस्था को और मजबूत बनाने, बड़े शहरों में निर्माण श्रमिकों के लिए आधुनिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
बै"क में बताया गया कि वर्ष 2020 में शुरू की गई बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत आ" से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इसमें कहा गया कि वर्तमान में यह योजना 20 जिलों में संचालित है।
मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सेवामित्र व्यवस्था को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताया और इसे अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने पर जोर दिया।
बै"क में जानकारी दी गई कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
वर्तमान में पोर्टल पर।,097 सेवा प्रदाता, 5,049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।
मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
बै"क में बताया गया कि वर्ष 2020 में शुरू की गई बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत आ" से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इसमें कहा गया कि वर्तमान में यह योजना 20 जिलों में संचालित है।
मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सेवामित्र व्यवस्था को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताया और इसे अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने पर जोर दिया।
बै"क में जानकारी दी गई कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
वर्तमान में पोर्टल पर।,097 सेवा प्रदाता, 5,049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।
मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।