सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर सीएम धामी ने जताया दुख, घर जाकर परिजनों से की मुलाकात
प्रकाशित: 03-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान, सीएम ने उनके परिजनों से भेंट की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है.
सीएम ने दिए ऑपरेशन प्रहार चलाने के निर्देश
CM धामी ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. सीएम ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. सीएम ने अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाने का निर्देश दिया है, जिससे अवांछित और हुड़दंगी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. सीएम ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. सीएम के साथ इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी भी मौजूद थे.
अब जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह घटना वाले दिन रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपने तीन दोस्तों के साथ सुबह ठहलने गए थे. वे ठहल के वापस आ रहे थे और घर के पास ही थे कि तभी सामने से दो तेज रफ्तार कारें आ रहीं थीं. दोनों कार सवाल एक दूसरे पर फायरिंग कर रहे थे. इसी संघर्ष में एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में लग गई. हादसे में उनकी मौत हो गई. इस गोलीबारी में ने तो रिटायर्ड अधिकारी का कोई रोल था ना कोई मतलब. वे इन हुड़दंगियों को जानते भी नहीं थे. परिजनों की मानें तो उन्होंने 62 साल की आयु तक सेना में नौकरी की थी. वे सेना के कई अहम मिशनों का हिस्सा रहे थे. रिटायरमेंट के बाद भी वे पूर्ण रूप से स्वस्थ्य थे.
बेटा नौसेना में करता है काम
कहा जाता है कि वे हमेशा देश सेवा की भावना से ओतप्रोत रहते थे. वे खुद भारतीय सेना में अधिकारी थे ही. उन्होंने अपने बेटे को भी भारतीय नौसेना में भेजा. ये उनकी देश सेवा के संकल्प का एक मजबूत उदाहरण है. पुलिस ने जेन-जी क्लब को सील कर दिया है. आरोपी इसी क्लब से बाहर निकले थे. क्लब मालिक-कर्मियों से उनकी मारपीट भी हुई थी. बता दें, ये क्लब पहले भी सील हो चुका है.
सीएम ने दिए ऑपरेशन प्रहार चलाने के निर्देश
CM धामी ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. सीएम ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. सीएम ने अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाने का निर्देश दिया है, जिससे अवांछित और हुड़दंगी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. सीएम ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. सीएम के साथ इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी भी मौजूद थे.
अब जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह घटना वाले दिन रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपने तीन दोस्तों के साथ सुबह ठहलने गए थे. वे ठहल के वापस आ रहे थे और घर के पास ही थे कि तभी सामने से दो तेज रफ्तार कारें आ रहीं थीं. दोनों कार सवाल एक दूसरे पर फायरिंग कर रहे थे. इसी संघर्ष में एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में लग गई. हादसे में उनकी मौत हो गई. इस गोलीबारी में ने तो रिटायर्ड अधिकारी का कोई रोल था ना कोई मतलब. वे इन हुड़दंगियों को जानते भी नहीं थे. परिजनों की मानें तो उन्होंने 62 साल की आयु तक सेना में नौकरी की थी. वे सेना के कई अहम मिशनों का हिस्सा रहे थे. रिटायरमेंट के बाद भी वे पूर्ण रूप से स्वस्थ्य थे.
बेटा नौसेना में करता है काम
कहा जाता है कि वे हमेशा देश सेवा की भावना से ओतप्रोत रहते थे. वे खुद भारतीय सेना में अधिकारी थे ही. उन्होंने अपने बेटे को भी भारतीय नौसेना में भेजा. ये उनकी देश सेवा के संकल्प का एक मजबूत उदाहरण है. पुलिस ने जेन-जी क्लब को सील कर दिया है. आरोपी इसी क्लब से बाहर निकले थे. क्लब मालिक-कर्मियों से उनकी मारपीट भी हुई थी. बता दें, ये क्लब पहले भी सील हो चुका है.