वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

पुतिन पर ड्रोन हमला कायमाब होता तो क्या होता

प्रकाशित: 04-01-2026 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
पुतिन पर ड्रोन हमला कायमाब होता तो क्या होता
आदित्य नरेन्द्र
रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन के आवास पर पोन के ड्रोन हमले की खबरों ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। लोग आपसी बातचीत में पूछ रहे हैं कि यदि पोन द्वारा किया गया तथाकथित हमला सफल हो गया होता तो क्या होता। क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर पहुंच गई होती। यह बात अलग है कि पोन ने ऐसे किसी भी हमले से साफ इंकार कर दिया है। दरअसल पिछले दिनों रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें बर्फ से ढके एक इलाके में एक क्षतिग्रस्त ड्रोन का मलबा दिख रहा है। इसके अलावा मंत्रालय ने पोन से छोड़े गए लम्बी दूरी के ड्रोंस के रूट का मैप भी जारी किया है। रूस ने 91 ड्रोंस से हमले का आरोप लगाते हुए जो फुटेज जारी की है उसमें बर्फ में पड़े काले ड्रोन का मलबा दिख रहा है। बताया जा रहा है कि इसमें 6 किलो विस्फोटक लदा हुआ था। रूस ने दावा किया है कि पुतिन के आवास पर चरणबद्ध तरीके से एक साथ कई दिशाओं से हमले का प्रयास किया गया था। रूस का यह भी दावा है कि यह ड्रोन पोन में कई लोकेशन से निकले थे। रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने ब्रांस्क इलाके के ऊपर 49, नोवरोगोड के ऊपर 41 ड्रोन मार गिराए जबकि स्मोलेस्क ने एक ड्रोन ढेर कर दिया गया। रूसी विदेश मंत्री ने इसकी पुष्टि करते हुए संकेत दिए कि वह शांति वार्ता को लेकर अपनी शर्तों में बदलाव कर सकता है। इसकी वजह से रूस-पोन युद्ध रोकने के लिए शांति समझौते के प्रयासों पर खतरे के बादल मंडराने लगे थे। उधर पोन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन के आवास पर हमले के आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि रूस अमेरिका और पोन के बीच सकारात्मक माहौल को बाधित करना चाहता है। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि कथित ड्रोन हमले का बहाना बनाकर अब कीव और पोन की अन्य सरकारी इमारतों पर हमला किया जाएगा। हालांकि पोन ने रूस के भीतर कुछ तोड़फोड़ और लक्षित अभियानों की जिम्मेदारी स्वीकार की है लेकिन पुतिन या उनके आवास को निशाना बनाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पोनी अधिकारियों का कहना है कि रूस इस आरोप का इस्तेमाल अमेरिका और पोन के रिश्तों में तनाव पैदा करने और शांति वार्ताओं में पोन की स्थिति कमजोर करने के लिए करना चाहता है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस के दावे को तवज्जों नहीं दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर न्यूयार्क पोस्ट के एक संपादकीय का लिंक साझा किया जिसमें सवाल उठाया गया था कि क्या वास्तव में ऐसा कोई हमला हुआ भी था। ट्रंप ने उस हेडलाइन को दोबारा पोस्ट किया जिसमें कहा गया था कि पुतिन पर कथित हमले को लेकर रूस का बयान शांति प्रािढया में बाधा डालने की कोशिश हो सकता है। इस घटपाम पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने प्रतिािढया देते हुए कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों से बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में शांति की दिशा में चल रहे कूटनीतिक प्रयास ही संघर्ष खत्म करने का सबसे बेहतर रास्ता है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी ऐसे कदम से बचें जो इन प्रयासों को कमजोर कर सकता है। फिलहाल रूस और पोन द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों-प्रत्यारोपों के चलते अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों देशों के बीच कथित शांति समझौता आगे किस दिशा में जाएगा। दोनों नेताओं पुतिन और जेलेंस्की पर इस बात का भारी दबाव है कि वह अपने देश के लोगों के सामने पराजित न दिखें। ऐसे में जाहिर है कि यदि पुतिन के आवास पर तथाकथित ड्रोन हमला कामयाब हो गया होता तो इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर पहुंच गई होती। हालांकि अभी ऐसा कुछ नहीं है। देखना होगा कि आगे हालात क्या करवट लेते हैं।