भारत में पाक से ज्यादा सुरक्षित हैं मुसलमान
प्रकाशित: 30-11-2025 | लेखक: आदित्य नरेंद्र
पड़ोसी देश पकिस्तान भारतीय मुसलमानों को लेकर हमेशा रोता-पीटता रहता है। पिछले दिनों उसने फिर एक बार ऐसा ही किया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में 6 दिसम्बर 1992 के दिन विवादित ढांचा ध्वस्त करने का जिक्र करते हुए पाक विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने अयोध्या में कथित बाबरी मस्जिद पर राम मंदिर के निर्माण और धर्म ध्वज फहराने की घटना को गंभीरता से लिया है। भारत में अल्पसंख्यकों पर दबाव और हिंदुत्व की सोच का असर मुस्लिम समाज की संस्कृति और धार्मिक विरासत को खत्म करने की कोशिश दिखाता है। पाक विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र समेत सभी अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे भारत में बढ़ते इस्लामोफोबिया, हेट स्पीच और धर्म के आधार पर हिंसा पर ध्यान दें और भारत में मस्जिदों के संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाएं। पाकिस्तान ने भारत से कहा है कि वह अपने देश में मस्जिदों की सुरक्षा करें। इसे कहते हैं कि नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। लगता है कि पाकिस्तान को भारत में अल्पसंख्यकों की चिंता बहुत सता रही है। दरअसल बात यह है कि पाकिस्तान को भारत की चिंता नहीं सता रही बल्कि वह भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना चाहता है। सवाल यह है कि पाकिस्तान को अपने देश में हो रही धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा क्यों दिखाई नहीं दे रही। यह वही पाकिस्तान है जिसकी नींव ब्रिटिश भारत के सबसे बड़े मुस्लिम नेता मुहम्मद अली जिन्ना ने रखी थी। गौरतलब है कि जिन्ना एक शिया मुसलमान थे और पाकिस्तान को धर्मनिरपेक्ष देश बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा था गैर मुस्लिमों को भी पाकिस्तान में समान अधिकार मिलेंगे। उन्होंने पाकिस्तान की पहली कैबिनेट में हिंदू, शिया और अहमदी मुस्लिम को भी स्थान दिया था। पाकिस्तान के नेताओं ने आज वहां की क्या हालत बना दी है। जिस पाकिस्तान में कभी 21 फीसदी हिंदू हुआ करते थे उनकी जनसंख्या अब सिमट कर लगभग एक फीसदी पर आ रही है। वहां सुन्नी लगभग 85 से 90 फीसदी के बीच और इस्माइली लगभग 6 लाख हैं। क्या पाकिस्तान ने कभी अपने यहां के अल्पसंख्यकों का हाल देखा है और उसे सुधारने का प्रयास किया है। इसके उलट भारत में मुसलमान न केवल पाक से ज्यादा सुरक्षित हैं बल्कि अपने धार्मिक विश्वास के साथ फल-फूल रहे हैं। उन्हें भारतीय लोकतंत्र के तहत दूसरे नागरिकों की तरह ही समान अधिकार प्राप्त हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संरक्षण में भारत के मुसलमान लगातर आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक हाथ में कंप्यूटर और दूसरे हाथ में कुरान का स्लोगन दिया है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं की बेहतरी के लिए तीन तलाक पर प्रतिबंध का कानून संसद से पास कराया। इससे मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। वर्ष 2001 की जनगणना में पाया गया था कि भारत में मुसलमानों की जनसंख्या पिछले चार दशकों में 200 फीसदी बढ़ी है जबकि उन्हीं चार दशकों में पूरे भारत में यह वृद्धि पर 134 फीसदी थी। इसमें मुस्लिम आबादी भी शामिल है। भारत में मस्जिद बनाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यह पाकिस्तान ही है जो भारत के मुसलमानों का ब्रेन वाश कर यहां अशांति फैलाने की कोशिश करता है। कश्मीर में पिछले दिनों निहत्थे पर्यटकों की हत्या और दिल्ली के लाल किले के पास हुआ बम विस्फोट इसका उदाहरण हैं। इन दोनों घटनाओं के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। पाकिस्तान कुछ युवाओं को बरगलाता है और फिर प्रचार करता है कि यह आतंकी भारत के हैं और इससे उसका कोई संबंध नहीं है। उसकी इस बात पर अजरबेजान और तुर्किए को छोड़कर कोई मुस्लिम देश विश्वास नहीं करता। उन्हें मालूम है कि भारत ने जाकिर हुसैन, फखरुद्दीन अली अहमद और डा. अबुल कलाम आजाद जैसे मुस्लिम राष्ट्रपति दिए हैं। पाकिस्तान और अरशद मदनी जो कुछ भी कहते रहें मोदी के राज में मुसलमान पाक से ज्यादा सुरक्षित हैं।