आज इस्लामाबाद में हो सकती है डील…, अमेरिका-ईरान समझौते पर ट्रंप का बड़ा दावा; लेकिन ईरान के रुख से बढ़ा सस्पेंस
प्रकाशित: 21-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच समझौता आज यानी 20 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में साइन हो सकता है. उन्होंने ‘फॉक्स न्यूज’ पर दिए एक इंटरव्यू में कहा कि बातचीत अंतिम चरण में है और डील कभी भी हो सकती है. लेकिन ट्रंप के इस दावे के उलट ईरान का रुख अभी भी सख्त है, जिसके कारण सस्पेंस बना हुआ है.
अमेरिकी डेलिगेशन पहुंच रहा पाकिस्तान
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद रवाना हो चुका है और जल्द ही वहां पहुंच जाएगा. इस बातचीत को मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी पहल माना जा रहा है.
ईरान का रुख बना हुआ सख्त
हालांकि ट्रंप के दावे के उलट, ईरान की ओर से अलग संकेत मिल रहे हैं. तेहरान ने साफ कहा है कि फिलहाल उसका इस नई बातचीत में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. ऐसे में समझौते को लेकर स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है.
ट्रंप की चेतावनी भी जारी
ट्रंप ने यह भी कहा कि वे इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, जिसने पूरे क्षेत्र और वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है. लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर सकता है.
जंग और सीजफायर
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को संघर्ष शुरू हुआ था. शुरुआती 48 घंटों में ही हालात बेहद गंभीर हो गए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में तेज टकराव देखने को मिला. करीब 40 दिनों बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था. अब यह सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है, ऐसे में इस संभावित समझौते को बेहद अहम माना जा रहा है. सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाकई आज कोई बड़ी डील हो पाएगी या तनाव और बढ़ेगा.
अमेरिकी डेलिगेशन पहुंच रहा पाकिस्तान
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद रवाना हो चुका है और जल्द ही वहां पहुंच जाएगा. इस बातचीत को मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी पहल माना जा रहा है.
ईरान का रुख बना हुआ सख्त
हालांकि ट्रंप के दावे के उलट, ईरान की ओर से अलग संकेत मिल रहे हैं. तेहरान ने साफ कहा है कि फिलहाल उसका इस नई बातचीत में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. ऐसे में समझौते को लेकर स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है.
ट्रंप की चेतावनी भी जारी
ट्रंप ने यह भी कहा कि वे इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, जिसने पूरे क्षेत्र और वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है. लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर सकता है.
जंग और सीजफायर
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को संघर्ष शुरू हुआ था. शुरुआती 48 घंटों में ही हालात बेहद गंभीर हो गए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में तेज टकराव देखने को मिला. करीब 40 दिनों बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था. अब यह सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है, ऐसे में इस संभावित समझौते को बेहद अहम माना जा रहा है. सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाकई आज कोई बड़ी डील हो पाएगी या तनाव और बढ़ेगा.