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क्वात्रा ने हिंद-प्रशांत के देशों के बीच सहयोग को मजबूत बताया

प्रकाशित: 13-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वाशिंगटन, (भाषा)। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि हिंद-प्रशांत देशों के बीच सहयोग बहुत मजबूत रहा है और उन्होंने इस क्षेत्र के लिए समुद्री निगरानी पहल करने के द्राड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) समूह के हालिया फैसले का उल्लेख किया।
क्वात्रा ने वाशिंगटन में सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी में बृहस्पतिवार को एक परिचर्चा में हिस्सा लेने के दौरान कहा कि उन्हें भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला बनाने में भारत-अमेरिका की साझेदारी को लेकर बहुत उम्मीदें हैं। क्वात्रा ने कहा, सबसे अहम बात है- जमीनी स्तर पर किए जाने वाले ऐसे "ाsस काम जिनसे देशों को फायदा होता है। मुझे लगता है कि सिर्फ कोई विमर्श गढ़ने से कहीं ज्यादा जरूरी ये काम हैं। उन्होंने कहा कि चीन, भारत और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संग"न आसियान के उभार के कारण दुनिया का आर्थिक केंद्र काफी हद तक हिंद-प्रशांत क्षेत्र की ओर मुड़ गया है। विवादित जलक्षेत्र: हिंद-प्रशांत के लिए सुरक्षा का नया दृष्टिकोण विषय पर हुई चर्चा में राजदूत ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने दुनिया को यह एहसास कराया कि उत्पाद और आपूर्ति श्रृंखला के दूसरे देशों में केंद्रित होने से क्या चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) की थी ताकि इस इलाके में चुनौतियों को कम करने और अवसरों को बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम किया जा सके और इसके नतीजे भी बहुत अच्छे रहे हैं। क्वात्रा ने बताया कि क्वाड देशों का समूह समुद्री क्षेत्र में भी काम करने पर सहमत हुआ है जिसके बाद हिंद प्रशांत समुद्री निगरानी पहल अस्तित्व में आई।