भारत के नए उच्चायुक्त स्थल सीमा के जरिए बांग्लादेश में पहुंचे
प्रकाशित: 13-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
ढाका, (भाषा)। बांग्लादेश में भारत के नये उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी राजनयिक के तौर पर अपना कार्यभार संभालने के लिए शुक्रवार को पेट्रापोल-बेनापोल स्थल सीमा के जरिये इस पड़ोसी देश में पहुंचे। त्रिवेदी, बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त नियुक्त किये गए पहले राजनीतिक नेता हैं। वह स्थल सीमा का गेट खुलने पर अपना ट्रॉली बैग लेकर देश में दाखिल होते दिखे। उनके साथ उनकी पत्नी मृणाल त्रिवेदी भी थीं। सीमा पार करने के बाद त्रिवेदी ने कहा, यहां आकर अच्छा लगा। बेनापोल स्थल सीमा पर बांग्लादेश और भारतीय उच्चायोग के वरिष्" अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता त्रिवेदी ने भारतीय विदेश सेवा के 1994 बैच के अधिकारी प्रणय कुमार वर्मा की जगह ली है। वर्मा का चार साल का कार्यकाल, जो पिछले महीने खत्म हुआ, अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह में शेख हसीना सरकार गिरने और उसके बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई गिरावट का गवाह बना। इस साल की शुरुआत में देश में चुनाव हुए, लेकिन हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। सत्रह फरवरी को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
शुक्रवार को पहुंचने के बाद, त्रिवेदी ने सीमावर्ती इलाके में बांग्लादेशी पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। वहां उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश को दोनों देशों की प्रतिभा और संसाधनों का इस्तेमाल करके भविष्य की पीढ]ियों के लिए खेल, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, सिर्फ एक देश की ताकत काफी नहीं होगी। जब दोनों देश साथ आएंगे, तो जो ताकत बनेगी, वही असली ताकत है। पूरी दुनिया को वह ताकत देखने दें।
शुक्रवार को पहुंचने के बाद, त्रिवेदी ने सीमावर्ती इलाके में बांग्लादेशी पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। वहां उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश को दोनों देशों की प्रतिभा और संसाधनों का इस्तेमाल करके भविष्य की पीढ]ियों के लिए खेल, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, सिर्फ एक देश की ताकत काफी नहीं होगी। जब दोनों देश साथ आएंगे, तो जो ताकत बनेगी, वही असली ताकत है। पूरी दुनिया को वह ताकत देखने दें।