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S-400 का स्वदेशी जवाब 'Kusha'? राजनाथ सिंह बोले- प्रोजेक्ट कुशा होगा गेम चेंजर, गोवर्धन पर्वत से की तुलना

प्रकाशित: 13-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
S-400 का स्वदेशी जवाब 'Kusha'? राजनाथ सिंह बोले- प्रोजेक्ट कुशा होगा गेम चेंजर, गोवर्धन पर्वत से की तुलना
हैदराबाद। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी 'प्रोजेक्ट कुशा' वायु रक्षा प्रणाली को भारत की सुरक्षा के लिए एक परिवर्तनकारी संपत्ति बताते हुए इसकी सुरक्षा क्षमता की तुलना प्रसिद्ध गोवर्धन पर्वत से की है।
रक्षा मंत्री ने लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) रक्षा प्रणाली यानी प्रोजेक्ट कुशा के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'आज मैं भविष्यवाणी करता हूं कि प्रोजेक्ट कुशा भारत की सुरक्षा परिदृश्य के लिए गेम चेंजर होगा।'
तेलंगाना में डीआरडीएल (डीआरडीओ) में उन्नत हथियार प्रणाली परिसर के उद्घाटन समारोह को शुक्रवार को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस प्रणाली ने पहले ही 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपनी प्रभावशीलता साबित की है, जो 2025 में एक आतंकवादी हमले के बाद शुरू किया गया था।
राजनाथ सिंह ने कहा, 'यह एक विश्व स्तरीय स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली है, जिसने आपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी महत्ता साबित की है। इसके लिए और किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है... जैसे गोवर्धन पर्वत ने द्वापर युग में ब्रज क्षेत्र की रक्षा की, वैसे ही हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने उस समय पूरे क्षेत्र के लिए सुरक्षा छाता प्रदान किया।'
कुशा की खूबियां
डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही मिसाइल प्रणाली प्रोजेक्ट-कुशा असल में रूस के एस-400 को टक्कर देने के लिए डिजाइन की है और इसमें तीन इंटरसेप्टर वेरिएंट (150 किमी, 250 किमी, और 400 किमी रेंज) शामिल हैं, जो स्टेल्थ विमानों, ड्रोन और हाइपरसोनिक हथियारों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसे 2028-2030 के आसपास तैनात किया जाने की योजना है।
उन्नत वैश्विक प्रणालियों को टक्कर देने के लिए डिजाइन की गई प्रोजेक्ट कुशा में 150 किमी से 400 किमी के बीच रेंज वाले तीन इंटरसेप्टर वेरिएंट शामिल हैं, जो स्टेल्थ विमानों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक हथियारों सहित विभिन्न खतरों के खिलाफ बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं।
भारी कीमत चुकानी होगी
रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया अस्थिरता और उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, जहां 'कुछ स्थानों पर संघर्ष, अन्य में अस्थिरता और कुछ में पूरी तरह से युद्ध की स्थिति उभर रही है। वैश्विक युद्ध तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जो एआइ, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकियों के एकीकरण द्वारा संचालित है।'
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'इस वातावरण में यदि कोई राष्ट्र अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा करना चाहता है, तो उसे दो चीजों की आवश्यकता है: लचीलापन यानी किसी भी झटके को सहने और खड़े होने की क्षमता और दूसरा है निरोधक, यानी किसी भी संभावित आक्रामण में डर पैदा करने की क्षमता ताकि यदि वह हमें गलत इरादों से देखता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी।'
'भाजपा अगली पीढ़ी के बारे में सोचती है'
राजनाथ सिंह ने एक 'बौद्धिक बैठक' में कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न केवल अपने काम में बल्कि अपनी नीयत में भी ईमानदार हैं और पार्टी हमेशा 'अगली पीढ़ी के बारे में सोचती है, न कि अगले चुनाव के बारे में।'
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के बजट का हर रुपया देश की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उपयोग किया जा रहा है और राजग सरकार के खिलाफ कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है।
राजनाथ सिंह ने पूर्व यूपीए सरकार पर घोटालों से ग्रस्त होने का आरोप लगाया, जिसमें 2जी, कोयला व कामनवेल्थ गेम्स घोटाला शामिल है।