RRB ने दी गुड न्यूज: रेलवे भर्ती परीक्षाओं का बढ़ेगा दायरा, नतीजे भी जल्द आएंगे
प्रकाशित: 13-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली। रेलवे अपनी भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। नया फोकस भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की समीक्षा बैठक में संकेत दिया है कि आगे से अधिक से अधिक परीक्षाओं को टैबलेट आधारित बनाया जाएगा।
इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। नतीजे जल्दी आएंगे। अभ्यर्थियों को भी सहूलियत होगी। उल्लेखनीय है कि रेलवे की सभी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में लाई जा चुकी हैं।
टैबलेट आधारित परीक्षाओं पर जोर
अभी रेलवे की अधिकांश परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती हैं, जिसमें अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर पर प्रश्न हल करते हैं। टैबलेट आधारित प्रणाली में उन्हें सुरक्षित डिजिटल टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रश्नपत्र सीधे टैबलेट की स्क्रीन पर दिखाई देगा और उत्तर भी उसी पर दर्ज किए जाएंगे।
इसका सबसे बड़ा लाभ होगा कि परीक्षा केंद्र स्थापित करना आसान होगा। बड़ी संख्या में कंप्यूटर लगाने और उनके रखरखाव की जरूरत कम होगी। टैबलेट को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परीक्षा आयोजित करना सरल होगा। खराबी आने पर टैबलेट को तुरंत बदला जा सकता है।
अधिक पारदर्शी बनेगी प्रक्रिया
परीक्षार्थियों के लिए भी यह व्यवस्था सुविधाजनक होगी। युवा स्मार्टफोन और टैबलेट के इस्तेमाल से परिचित हैं। उन्हें नई प्रणाली अपनाने में कठिनाई नहीं होगी। स्क्रीन पर प्रश्न पढ़ना, विकल्प चुनना और उत्तर जमा करना आसान होगा। साथ ही उत्तरों का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल होने से परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।
रेलवे की भर्ती परीक्षाएं पहले से ही विभिन्न शहरों में कई शिफ्टों और 15 भाषाओं में ली जा रही हैं। लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने से निष्पक्षता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में तकनीक का अधिक इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया को और भरोसेमंद बना सकता है।
परिणाम भी जल्द
रेल मंत्री ने कहा कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर और तिमाही आधार पर रिक्तियों की अधिसूचना जारी करने की व्यवस्था को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने 43,781 युवाओं को रोजगार दिया है।
यह नियुक्तियां 47,084 रिक्त पदों के लिए पूरी की गई भर्ती प्रक्रियाओं के तहत हुई हैं। इनमें 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट, 14,298 टेक्नीशियन, 7,951 जूनियर इंजीनियर, 4,208 आरपीएफ कांस्टेबल, 452 सब-इंस्पेक्टर और 1,376 पैरामेडिकल कर्मियों की भर्ती शामिल हैं।
इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। नतीजे जल्दी आएंगे। अभ्यर्थियों को भी सहूलियत होगी। उल्लेखनीय है कि रेलवे की सभी परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में लाई जा चुकी हैं।
टैबलेट आधारित परीक्षाओं पर जोर
अभी रेलवे की अधिकांश परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती हैं, जिसमें अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर पर प्रश्न हल करते हैं। टैबलेट आधारित प्रणाली में उन्हें सुरक्षित डिजिटल टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रश्नपत्र सीधे टैबलेट की स्क्रीन पर दिखाई देगा और उत्तर भी उसी पर दर्ज किए जाएंगे।
इसका सबसे बड़ा लाभ होगा कि परीक्षा केंद्र स्थापित करना आसान होगा। बड़ी संख्या में कंप्यूटर लगाने और उनके रखरखाव की जरूरत कम होगी। टैबलेट को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परीक्षा आयोजित करना सरल होगा। खराबी आने पर टैबलेट को तुरंत बदला जा सकता है।
अधिक पारदर्शी बनेगी प्रक्रिया
परीक्षार्थियों के लिए भी यह व्यवस्था सुविधाजनक होगी। युवा स्मार्टफोन और टैबलेट के इस्तेमाल से परिचित हैं। उन्हें नई प्रणाली अपनाने में कठिनाई नहीं होगी। स्क्रीन पर प्रश्न पढ़ना, विकल्प चुनना और उत्तर जमा करना आसान होगा। साथ ही उत्तरों का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल होने से परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।
रेलवे की भर्ती परीक्षाएं पहले से ही विभिन्न शहरों में कई शिफ्टों और 15 भाषाओं में ली जा रही हैं। लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने से निष्पक्षता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में तकनीक का अधिक इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया को और भरोसेमंद बना सकता है।
परिणाम भी जल्द
रेल मंत्री ने कहा कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर और तिमाही आधार पर रिक्तियों की अधिसूचना जारी करने की व्यवस्था को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने 43,781 युवाओं को रोजगार दिया है।
यह नियुक्तियां 47,084 रिक्त पदों के लिए पूरी की गई भर्ती प्रक्रियाओं के तहत हुई हैं। इनमें 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट, 14,298 टेक्नीशियन, 7,951 जूनियर इंजीनियर, 4,208 आरपीएफ कांस्टेबल, 452 सब-इंस्पेक्टर और 1,376 पैरामेडिकल कर्मियों की भर्ती शामिल हैं।