पैसों के लिए तरस रहा ईरान, उसे हर दिन हो रहा 50 करोड़ डॉलर का नुकसान', सीजफायर बढ़ाने के बाद बोले ट्रंप
प्रकाशित: 22-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को बढ़ाने के एलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पैसों के लिए तरस रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान को होर्मुज के बंद होने से हर दिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है. बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का आज आखिरी दिन था, लेकिन युद्धविराम की समयसीमा पूरी होने से एक दिन पहले यानी मंगलवार को ट्रंप ने इसे बढ़ाने का एलान कर दिया.
होर्मुज को खुलवाना चाहता है ईरान- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "ईरान आर्थिक रूप से ढह रहा है! वे होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खुलवाना चाहते हैं- नकदी के लिए तरस रहे हैं! प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है. सेना और पुलिस शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है. आपातकालीन सहायता!!!"
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ये दावा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे से होकर गुजरने वाले जहाजों के लंबे समय से ठप पड़े रहने के बीच किया है. वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक गतिरोध जारी रहने के चलते होर्मुज की अमेरिका ने नाकाबंदी कर रखी है. जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मची हुई है. जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा दिया है.
होर्मुज की नाकाबंदी ईरान को कर रही बर्बाद'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करना चाहता; वे इसे खुला रखना चाहते हैं ताकि वे प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर कमा सकें (जो कि वास्तव में, बंद होने पर उन्हें होने वाला नुकसान है!)" ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि होर्मुज की नाकाबंदी ईरानी अर्थव्यवस्था को पंगु बना रही है.
उन्होंने तेहरान की जलमार्ग को बंद रखने की धमकियों को खारिज करते हुए इसे अमेरिकी सैन्य दबाव के प्रति रक्षात्मक प्रतिक्रिया बताया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "वे इसे बंद रखने की बात सिर्फ इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से अवरुद्ध (बंद) कर दिया है, इसलिए वे केवल अपनी 'इज्जत बचाना' चाहते हैं."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि गुप्त संचार शुरू हो चुका है. ट्रंप के मुताबिक, मध्यस्थों ने हाल ही में संपर्क करके तेहरान के रुख में बदलाव का संकेत दिया है. उन्होंने दावा किया, "चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और बोले, 'महोदय, ईरान जलमार्ग को तुरंत खोलना चाहता है.'" हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक रियायतों के बिना समय से पहले जलमार्ग को फिर से खोलने से भविष्य की वार्ताओं में अमेरिका का प्रभाव खत्म हो जाएगा. ट्रंप ने कहा, "लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता, जब तक कि हम उनके देश के बाकी हिस्सों को, उनके नेताओं समेत, उड़ा न दें!"
होर्मुज को खुलवाना चाहता है ईरान- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "ईरान आर्थिक रूप से ढह रहा है! वे होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खुलवाना चाहते हैं- नकदी के लिए तरस रहे हैं! प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है. सेना और पुलिस शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है. आपातकालीन सहायता!!!"
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ये दावा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे से होकर गुजरने वाले जहाजों के लंबे समय से ठप पड़े रहने के बीच किया है. वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक गतिरोध जारी रहने के चलते होर्मुज की अमेरिका ने नाकाबंदी कर रखी है. जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मची हुई है. जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा दिया है.
होर्मुज की नाकाबंदी ईरान को कर रही बर्बाद'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करना चाहता; वे इसे खुला रखना चाहते हैं ताकि वे प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर कमा सकें (जो कि वास्तव में, बंद होने पर उन्हें होने वाला नुकसान है!)" ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि होर्मुज की नाकाबंदी ईरानी अर्थव्यवस्था को पंगु बना रही है.
उन्होंने तेहरान की जलमार्ग को बंद रखने की धमकियों को खारिज करते हुए इसे अमेरिकी सैन्य दबाव के प्रति रक्षात्मक प्रतिक्रिया बताया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "वे इसे बंद रखने की बात सिर्फ इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से अवरुद्ध (बंद) कर दिया है, इसलिए वे केवल अपनी 'इज्जत बचाना' चाहते हैं."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि गुप्त संचार शुरू हो चुका है. ट्रंप के मुताबिक, मध्यस्थों ने हाल ही में संपर्क करके तेहरान के रुख में बदलाव का संकेत दिया है. उन्होंने दावा किया, "चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और बोले, 'महोदय, ईरान जलमार्ग को तुरंत खोलना चाहता है.'" हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक रियायतों के बिना समय से पहले जलमार्ग को फिर से खोलने से भविष्य की वार्ताओं में अमेरिका का प्रभाव खत्म हो जाएगा. ट्रंप ने कहा, "लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता, जब तक कि हम उनके देश के बाकी हिस्सों को, उनके नेताओं समेत, उड़ा न दें!"