छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर 3 महीने तक रोक, बिना इजाजत गैरहाजिर रहने पर होगी कार्रवाई
प्रकाशित: 24-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए अहम आदेश जारी किया है। सामान्य प्रसाशन विभाग की ओर से जारी इस आदेश के मुताबिक अगले तीन महीने के लिए सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला जनगणना और सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब बिना पूर्व अनुमति के कर्मचारी छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे।
छुट्टी मंजूर कराए बिना अवकाश नहीं
इस आदेश के मुताबिक कोई सरकारी कर्मचारी सक्षम अधिकारी से छुट्टी मंजूर कराए बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा। अगर कोई कर्मचारी बिना इजाजत दफ्तर में गैरहाजिर रहता है तो इसे सेवा में बाधा मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी भी फोन या डिजिटल माध्यम से देनी होगी सूचना
इतना नहीं आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी कर्मचारी को फोन या डिजिटल माध्यम से पहले सूचना देना आवश्यक होगा। बाद में दफ्तर पहुंचने पर इसके लिए लिखित में आवेदन देना होगा। वहीं अगर कोई कर्मचारी अगर लंबी छुट्टी पर जाता है तो उसे पहले अपने काम का प्रभार किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना होगा।
निर्देश का कड़ाई से पालन
सरकार की ओर से सभी विभागों, संभाग आयुक्तों और कलेक्टरों को सरकार के इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
पिछले एक सप्ताह में 4 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में जारी 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत पिछले एक सप्ताह में चार लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के दलों ने गांव-गांव पहुंचकर अब तक 4,19,898 से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। अधिकारियों ने बताया कि इससे बड़ी संख्या में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 13 अप्रैल को बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले से 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' की शुरूआत की थी।
छुट्टी मंजूर कराए बिना अवकाश नहीं
इस आदेश के मुताबिक कोई सरकारी कर्मचारी सक्षम अधिकारी से छुट्टी मंजूर कराए बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा। अगर कोई कर्मचारी बिना इजाजत दफ्तर में गैरहाजिर रहता है तो इसे सेवा में बाधा मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी भी फोन या डिजिटल माध्यम से देनी होगी सूचना
इतना नहीं आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी कर्मचारी को फोन या डिजिटल माध्यम से पहले सूचना देना आवश्यक होगा। बाद में दफ्तर पहुंचने पर इसके लिए लिखित में आवेदन देना होगा। वहीं अगर कोई कर्मचारी अगर लंबी छुट्टी पर जाता है तो उसे पहले अपने काम का प्रभार किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना होगा।
निर्देश का कड़ाई से पालन
सरकार की ओर से सभी विभागों, संभाग आयुक्तों और कलेक्टरों को सरकार के इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
पिछले एक सप्ताह में 4 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में जारी 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत पिछले एक सप्ताह में चार लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के दलों ने गांव-गांव पहुंचकर अब तक 4,19,898 से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। अधिकारियों ने बताया कि इससे बड़ी संख्या में लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 13 अप्रैल को बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले से 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' की शुरूआत की थी।