दिल्ली की अदालत ने AAP को BJP सांसद बंसुरी स्वराज का मानहानिकारक वीडियो हटाने का दिया आदेश
प्रकाशित: 24-04-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आम आदमी पार्टी, आप नेता सौरभ भारद्वाज और अंकुश नारंग को निर्देश दिया है कि वे भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज को निशाना बनाने वाले कथित तौर पर मानहानिकारक वीडियो को 48 घंटे के अंदर हटा दें और उनका प्रसार रोक दें. प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज गुरविंदर पाल सिंह ने ये आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 13 मई को करने का आदेश दिया.
कोर्ट ने कहा कि अगर यह कंटेंट सार्वजनिक दायरे में बना रहता है, तो बांसुरी स्वराज की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी. दरअसल 18 अप्रैल को बीजेपी ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर दिल्ली में आक्रोश मार्च निकाला था. इस मार्च में केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे और बांसुरी स्वराज भी शामिल हुई थीं. पुलिस ने इस मार्च में शामिल दोनों नेताओं समेत दूसरे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था.
विवाद 19 अप्रैल को तब शुरु हुआ जब सौरभ भारद्वाज के एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें दावा किया गया कि बांसुरी स्वराज ने अपनी गिरफ्तारी खुद प्लान की थी. वीडियो में भारतीय ड्रामा कंपनी और बीजेपी ड्रामा कंपनी जैसे बैनर का इस्तेमाल किया गया. इस वीडियो को आप नेता अंकुश नारंग ने अपने एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया. बाद में इसे आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया गया.
याचिका में कहा गया था कि वीडियो के खास हिस्से को छांटकर पोस्ट किया गया. जिसे पुलिस अफसर बताया गया वो एक केंद्रीय मंत्री थीं. वीडियो के इस खास हिस्से के जरिये सच्चाई को तोड़मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की गई.
कोर्ट ने कहा कि अगर यह कंटेंट सार्वजनिक दायरे में बना रहता है, तो बांसुरी स्वराज की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी. दरअसल 18 अप्रैल को बीजेपी ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर दिल्ली में आक्रोश मार्च निकाला था. इस मार्च में केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे और बांसुरी स्वराज भी शामिल हुई थीं. पुलिस ने इस मार्च में शामिल दोनों नेताओं समेत दूसरे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था.
विवाद 19 अप्रैल को तब शुरु हुआ जब सौरभ भारद्वाज के एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें दावा किया गया कि बांसुरी स्वराज ने अपनी गिरफ्तारी खुद प्लान की थी. वीडियो में भारतीय ड्रामा कंपनी और बीजेपी ड्रामा कंपनी जैसे बैनर का इस्तेमाल किया गया. इस वीडियो को आप नेता अंकुश नारंग ने अपने एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया. बाद में इसे आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया गया.
याचिका में कहा गया था कि वीडियो के खास हिस्से को छांटकर पोस्ट किया गया. जिसे पुलिस अफसर बताया गया वो एक केंद्रीय मंत्री थीं. वीडियो के इस खास हिस्से के जरिये सच्चाई को तोड़मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की गई.