वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

देश में नियुक्ति गतिविधियों में मई में गिरावट

प्रकाशित: 04-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
मुंबई, (भाषा)। देश में दफ्तर में बै"कर काम करने से जुड़े पदों के लिए नियुक्ति गतिविधियों में मई में सालाना आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, विविधता आधारित यानी विभिन्न वर्गों के आधार पर नियुक्ति में वृद्धि हुई है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया।
फाउंडइट इनसाइट्स ट्रैकर (एफआईटी) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल व्हाइट-कॉलर यानी कार्यालयों में बै"कर काम करने से जुड़े पदों के लिए नियुक्ति गतिविधियों में मासिक आधार पर छह प्रतिशत की गिरावट आई। यह बाजार की बदलती परिस्थितियों के बीच नियोक्ताओं की निरंतर सतर्कता को दर्शाता है। हालांकि, इसी अवधि में विविधतापूर्ण नियुक्ति गतिविधियों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयात और निर्यात, लॉजिस्टिक और परिवहन, खुदरा और बीएफएसआई (बैंक, वित्तीय सेवाएं और बीमा) जैसे कई क्षेत्रों में नियुक्ति की धीमी गति ने वार्षिक भर्ती रुख को प्रभावित किया। आयात और निर्यात क्षेत्र में 23 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं लॉजिस्टिक और परिवहन क्षेत्र में 18 प्रतिशत, खुदरा क्षेत्र में आ" प्रतिशत और बीएफएसआई में आ" प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ, यात्रा और पर्यटन (26 प्रतिशत), वाहन (12 प्रतिशत), स्वास्थ्य सेवा और औषधि (11 प्रतिशत) और रियल एस्टेट (11 प्रतिशत) जैसे क्षेत्रों में मई में सालाना आधार पर नियुक्ति में मजबूत वृद्धि देखी गई। फाउंडइट इनसाइट्स ट्रैकर रिपोर्ट रोजगार की जानकारी देने वाले मंच फाउंडइट.इन के 7,39,188 ऑनलाइन डाली गयी नौकरियों को लेकर गतिविधियों का एक व्यापक मासिक विश्लेषण है। रिपोर्ट के अनुसार, विविधतापूर्ण नियुक्ति में दहाई अंक में वृद्धि देखी गई, जो समावेशी कार्यबल रणनीतियों के प्रति नियोक्ताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हालांकि, कुल मिलाकर भर्ती गतिविधियां चयनात्मक बनी रही। रिपोर्ट के अनुसार, विविधता-केंद्रित सभी भर्तियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 56 प्रतिशत रही, जबकि दिव्यांगजनों का प्रतिनिधित्व दो वर्षों में तीन गुना बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया। इस दौरान, विविधता और समावेश नियुक्ति सभी विविधतापूर्ण भर्तियों का लगभग एक तिहाई हो गई है। इस श्रेणी में, एलजीबीटीक्यूआईए और न्यूरोडाइवर्स प्रतिभाएं शामिल हैं। फाउंडइट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण सिन्हा ने कहा, हालांकि, कुल मिलाकर नियुक्ति अधिक चयनात्मक हो गई है, संग"न उन प्रतिभा क्षेत्रों में निवेश करना जारी रखे हुए हैं जो दीर्घकालिक व्यावसायिक मजबूती का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा कि विविधतापूर्ण भर्ती में निरंतर गति इस बात को दर्शाती है कि भारतीय कंपनियां समावेश के प्रति किस प्रकार का दृष्टिकोण अपना रही हैं। इसे अब अनुपालन आवश्यकता के बजाय एक क्षमता रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।