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अपनी टीम घोषित करने को लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं फिलहाल हर्ष मल्होत्रा

प्रकाशित: 18-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
-कृष्णदेव पाठक-
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष की बागडोर संभालने के बाद हर्ष मल्होत्रा भले ही पहले दिन से अपने काम में लग गए हैं और उन्हें ज्यादा दिक्कत इसलिए भी नहीं आ रही कि वह पिछले दो अध्यक्षों के साथ महामंत्री की भूमिका निभा रहे थे लेकिन अपनी टीम का गठन करना उनके लिए अभी भी एक चुनौती है क्योंकि 2027 का निगम चुनाव उनके कार्यकाल की पहली परीक्षा होना है।
प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद हर्ष मल्होत्रा ने कहा था कि वह अपनी टीम का गठन 2 महीने के अंदर कर लेंगे लेकिन यह काम अपने में इतना आसान नहीं है क्योंकि उनसे पार्टी कार्यकर्ताओं को कुछ ज्यादा ही उम्मीद है और हर व्यक्ति अपने ढंग से कुछ ना कुछ चाहता है सबको संतुष्ट करना उनके लिए भी संभव नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि उनकी कोशिश यह होगी इस संगठन के अंदर साफ छवि के नए चेहरे को मौका दिया जाए जो काम करने की इच्छा रखते हैं वह नहीं किया जाए कि लगातार कुछ लोग ही टीम में पद बदल बदल कर आते रहे सचिन से महामंत्री बन जाए मंत्री से उपाध्यक्ष बन जाए जो संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं उन्हें कहीं और लगाया जाए और उनकी जगह नए लोगों को लाया जाए ऐसी संभावना बनी हुई है।
वही माना जा रहा है कि उनका ध्यान इस बात पर भी होगा की प्रदेश की टीम में विवादित चेहरों से दूर रहा जाए जिससे कि कोई नया विवाद खड़ा ना हो क्योंकि टीम के गठन से पहले ही कुछ लोग अपनी तरफ से दवा करना शुरू कर देते हैं कि फलाना आदमी महत्वपूर्ण पद पर होगा इसका कारण यह होगा वह इस तरीके के आकलनों को अलग रखना चाहते हैं यह माना जा रहा है क्योंकि यदि सब नजदीकी उनकी टीम में आगे तो उनकी छवि पर उंगली उठेगी कहने वालों का यहां तक है की हर्ष मल्होत्रा के नजदीक रहने वालों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है क्योंकि वह जाएंगे कि वह बिना पद के उनके साथ काम करें जिससे एक अच्छा संदेश जाए।
दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष के लिए जाती और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी होगा क्योंकि कहीं ऐसा ना लगे की पार्टी कुछ जातियों को ही महत्व दे रही है भारतीय जनता पार्टी के साथ वैसे भी कई मिथक जुड़े हुए हैं जैसे की पार्टी ने अपने स्थापना के 1980 से आज तक दिल्ली में दो अध्यक्ष मनोज तिवारी और सतीश उपाध्याय को निकाल दें तो तो वैश्य और पंजाबी को ही मौका दिया है और इन्हीं का बोलबाला रहा है इसलिए प्रदेश टीम में उनको यह भी ध्यान रखना होगा की इन दोनों वर्गों का फिर ज्यादा बोलबाला ना हो जाए और जातियों को भी स्थान दिया जाए।
सूत्रों के हिसाब से पार्टी के वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि संगठन की टीम में विधायक और संसद को दूर रखा जाए क्योंकि उनके पास वैसे ही बहुत काम होते हैं विधायक के पास अन्य समितियां में दायित्व हैं इसी तरह संसद के पास भी दायित्व है इसलिए उनकी जगह यदि अन्य नेताओं को मौका मिलेगा तो उनका उत्साह भी बढ़ेगा क्योंकि विधायक सांसद तो पहले ही अपने में बड़ा कर रखने वाले होते हैं जिसके चलते इस बार नया प्रयोग हो सकता है इसकी भी संभावना है।
मल्होत्रा के लिए सबसे पहले दिल्ली नगर निगम के मामलों में तालमेल बैठाना है वह खुद 5 वर्ष तक निगम पार्षद रहे हैं शिक्षा समिति के अध्यक्ष से लेकर महापौर तक के पद का उन्होंने निर्वहन कर है इसलिए उन्हें पता है की निगम की राजनीति बड़ी टेढ़ी होती है वहां सबको साथ लेकर चलना आसान नहीं होता है का सबसे बड़ा उदाहरण निगम में होने वाले चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन स्थाई समिति के सदस्यों का चुनाव सिर्फ दो बार इसलिए स्थगित हुआ कि यह फैसला पार्टी के लोग चाहते थे की नए अध्यक्ष लें और अब किसी भी दिन इन चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी हो सकती है लेकिन चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन अब बनाना इतना आसान नहीं रह गया है क्योंकि बहुत से ऐसे नेता हैं जब हर्ष मल्होत्रा लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे तो उनके लिए वह दिन-रात एक करे हुए थे और हर संभव मदद उन्होंने उनकी करी है इसलिए उनकी भी उम्मीद है कि शायद अध्यक्ष जी उनका ध्यान रखेंगे लेकिन हर्ष मल्होत्रा के लिए अब बड़ी परेशानी यह है कि वह अपने नजदीकियों को यदि महत्वपूर्ण पद देते हैं तो उन पर पक्षपात जातिवाद के आप तक लगा सकते हैं इसलिए उन्हें बहुत देखना होगा लेकिन दूसरी तरफ दिक्कत यह है कि जिन लोगों ने उनके लिए मेहनत करी है यदि उन्हें फल नहीं मिलता तो लोगों को लगेगा कि किसी के लिए काम करने का कोई फायदा नहीं है इसलिए सबको एडजस्ट करना जिससे कोई नाराज ना हो अभी आसान काम नहीं है।
इस तरह माना जा रहा है की हर्ष मल्होत्रा टीम के गठन में फिलहाल कोई जल्दबाजी नहीं दिखाने के मूड में क्योंकि उन्हें पार्टी हाई कमान से भी इस मामले में हरी झंडी मिल गई बताई जाती है कि वह अपने ढंग से इस मामले में काम कर सकते हैं।