आम आदमी पार्टी के कई पार्षद बदलना चाहते हैं पाला हो सकते हैं भाजपा में शामिल
प्रकाशित: 18-06-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
- अश्वनी भारद्वाज -
नई दिल्ली। पंजाब में बिखराव के दौर से गुजर रही आम आदमी पार्टी अब राजधानी दिल्ली में भी दल बदल के दौर से गुजरने की राह पर चलती दिखेगी इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।खबर है आने वाले दिनों में आप पार्टी के कुछ निगम पार्षद तथा वरिष्ठ नेता बड़ी संख्या में अपनी टीम के साथ भाजपा का दामन थाम सकते हैं।विधानसभा में यदि दल बदल कानून आड़े नहीं आये तो वहां भी खलबली की प्रबल सम्भावना बताई जा रही है।इस सब की वजह पार्टी मुखिया अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली की सियासत से बे-रुखी माना जा रहा है।क्योंकि उनकी रणनीति पंजाब में वापसी पर फोकस है।जबकि भाजपा दिल्ली में एक -एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही है इसमें कोई दिस दैट नहीं है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हो या प्रदेश भाजपा के नव नियुक्त अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जहां अपने सन्गठन की मजबूती पर ध्यान दे रहे हैं वहीं अपनी रणनीति के तहत भाजपा विपक्षी खेमे को भी साधने का प्रयास करती है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।जहां तक हर्ष मल्होत्रा का सवाल है दिल्ली भाजपा को लम्बे समय बाद एक जमीनी तथा अनुभवी नेता अध्यक्ष के रूप में मिले हैं ,दिल्ली की जनता खासतौर से भाजपा वर्कर उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना का रूप देखती है।हर्ष मल्होत्रा को एक -एक कार्यकर्ता तथा नेता की कार्यशैली तथा क्षमता की बारीकी से जानकारी है ,और इसी तरह उन्हें विपक्षी खेमें के नेताओं की भी जमीनी भनक है।ऐसे में माना जा रहा है हर्ष मल्होत्रा सन्गठन की मजबूती को ले वो हर कदम उठायेगें जिसकी भाजपा को जरूरत है। बताया जा रहा है दिल्ली भाजपा नेत्रत्व दिल्ली सरकार को करीब चालीस ऐसे वरिष्ठ नेताओं की सूची भी सौंपने जा रहा है जिन्हें विभिन्न सरकारी कमेटियोँ या बोर्डो में शामिल कराया जाएगा। पार्टी का प्रयास है पूर्व में कुछ नेता जो भाजपा छोडकर गए थे या सािढय नहीं है उन्हें पार्टी की मुख्यधारा में जोड़ा जाए ,इसी कड़ी के तहत कुछ निगम पार्षदों को विपक्षी खेमे से पार्टी में शामिल किया जाए ताकि भविष्य में आप पार्टी की सम्भावनाओं को ख़ारिज किया जा सके।यह तो वक्त बतायेगा उनकी रणनीति कितनी कामयाब होती है लेकिन इतना तय है जल्द ही दिल्ली की जनता एक बार फिर से आप पार्टी में बिखराव और भाजपा के कुनबे को बढ़ता देखेगी।
आज बस इतना ही ...
नई दिल्ली। पंजाब में बिखराव के दौर से गुजर रही आम आदमी पार्टी अब राजधानी दिल्ली में भी दल बदल के दौर से गुजरने की राह पर चलती दिखेगी इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।खबर है आने वाले दिनों में आप पार्टी के कुछ निगम पार्षद तथा वरिष्ठ नेता बड़ी संख्या में अपनी टीम के साथ भाजपा का दामन थाम सकते हैं।विधानसभा में यदि दल बदल कानून आड़े नहीं आये तो वहां भी खलबली की प्रबल सम्भावना बताई जा रही है।इस सब की वजह पार्टी मुखिया अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली की सियासत से बे-रुखी माना जा रहा है।क्योंकि उनकी रणनीति पंजाब में वापसी पर फोकस है।जबकि भाजपा दिल्ली में एक -एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही है इसमें कोई दिस दैट नहीं है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हो या प्रदेश भाजपा के नव नियुक्त अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जहां अपने सन्गठन की मजबूती पर ध्यान दे रहे हैं वहीं अपनी रणनीति के तहत भाजपा विपक्षी खेमे को भी साधने का प्रयास करती है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।जहां तक हर्ष मल्होत्रा का सवाल है दिल्ली भाजपा को लम्बे समय बाद एक जमीनी तथा अनुभवी नेता अध्यक्ष के रूप में मिले हैं ,दिल्ली की जनता खासतौर से भाजपा वर्कर उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना का रूप देखती है।हर्ष मल्होत्रा को एक -एक कार्यकर्ता तथा नेता की कार्यशैली तथा क्षमता की बारीकी से जानकारी है ,और इसी तरह उन्हें विपक्षी खेमें के नेताओं की भी जमीनी भनक है।ऐसे में माना जा रहा है हर्ष मल्होत्रा सन्गठन की मजबूती को ले वो हर कदम उठायेगें जिसकी भाजपा को जरूरत है। बताया जा रहा है दिल्ली भाजपा नेत्रत्व दिल्ली सरकार को करीब चालीस ऐसे वरिष्ठ नेताओं की सूची भी सौंपने जा रहा है जिन्हें विभिन्न सरकारी कमेटियोँ या बोर्डो में शामिल कराया जाएगा। पार्टी का प्रयास है पूर्व में कुछ नेता जो भाजपा छोडकर गए थे या सािढय नहीं है उन्हें पार्टी की मुख्यधारा में जोड़ा जाए ,इसी कड़ी के तहत कुछ निगम पार्षदों को विपक्षी खेमे से पार्टी में शामिल किया जाए ताकि भविष्य में आप पार्टी की सम्भावनाओं को ख़ारिज किया जा सके।यह तो वक्त बतायेगा उनकी रणनीति कितनी कामयाब होती है लेकिन इतना तय है जल्द ही दिल्ली की जनता एक बार फिर से आप पार्टी में बिखराव और भाजपा के कुनबे को बढ़ता देखेगी।
आज बस इतना ही ...