दिल्ली भाजपा में हर्ष मल्होत्रा के वफादारों का पूरी तरह बोलबाला
प्रकाशित: 01-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कृष्ण देव पाठक
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष की बागडोर संभालने के बाद हर्ष मल्होत्रा की प्रदेश टीम हो या फिर प्रदेश मोर्चा जिलों की टीम सभी में उनके वफादार नेताओं को पूरा महत्व मिला है और उनको उम्मीद से ज्यादा स्थान मिल गए हैं जिसके चलते कहा जा रहा है की वफादारी कभी खाली नहीं जाती और जो लोग इधर से उधर उछल कूद करते रहते हैं वह कई बार कहीं के नहीं रहते और बाद में सिर्फ अपनी बात सही कहने के लिए कुतर्कों का ही सहारा लेते हैं। गौरतलब है कि जिस समय यह माना जा रहा था कि हर्ष मल्होत्रा ही भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष होंगे उसे समय भी पार्टी में एक वह वर्ग जो यह दिखाने की कोशिश करता है कि सारे फैसले उनकी इच्छा से होते हैं कह रहे थे कि वह नहीं बनेंगे और उसे समय जो उनकी भूमिका रही थी किसी से छुपी नहीं थी लेकिन हर्ष मल्होत्रा अपने शांत स्वभाव जिसके लिए वह जाने जाते हैं तब भी शांत रहे और प्रदेश अध्यक्ष बनने में कामयाब रहे उसके बाद उन्होंने उनके खिलाफ यह महिम चलाई थी कि वह अपनी टीम सही समय पर नहीं घोषित कर पाएंगे लेकिन हर्ष मल्होत्रा ने कहा था कि 2 महीने के अंदर अपनी प्रदेश टीम घोषित कर देंगे और उन्होंने उससे पहले घोषित कर दी और इतना ही नहीं उन्होंने अपनी टीम में अपनी मर्जी से पदाधिकारी बनाएं जो कि उन्हें पार्टी ने पूरी तरह फ्री हैंड दे रखा था और उसका उन्होंने फायदा भी लिया जिसमें उन्होंने उन लोगों को महत्व दिया जो उनके वफादार होने के साथ संगठन के लिए भी सही है। जब दिल्ली भाजपा की प्रदेश टीम घोषित हुई तब कई चेहरों को लेकर सवाल उठाए गए और कहा गया कि यह कहां से आ गए लेकिन कुल मिलाकर वह हर्ष मल्होत्रा की टीम में फिट बैठते थे इसलिए ही उन्हें लिया गया प्रदेश की टीम में महामंत्री हो या मंत्री के अलावा अन्य पदाधिकारी सभी अपने में ऐसे चेहरे थे जो कहीं ना कहीं उसे ाढम में सही बैठते थे।
दिल्ली नगर निगम में जब विभिन्न पदों पर बात हुई उसमें भी हर्ष मल्होत्रा ने अपने और संगठन के प्रति सही रहने वाले लोगों को महत्व दिया महापौर पद पर प्रवेश वाही के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हर्ष मल्होत्रा दोनों की सहमति थी वही स्थाई समिति अध्यक्ष पर भले ही सत्या शर्मा को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आशीर्वाद था लेकिन हर्ष मल्होत्रा उनके पक्ष में शुरू से थे इसी तरह अन्य समितियां में भी संदीप कपूर योगेश वर्मा और अन्य चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन उनकी ही इच्छा से बने। दिल्ली भाजपा की राजनीति में जिस तरह इस बार प्रदेश की टीम जिलों की टीम निगम की टीम सभी में हर्ष मल्होत्रा को फ्री हैंड मिला है यह भी अपने में भाजपा की राजनीति में महत्वपूर्ण है नहीं तो कई बार प्रदेश अध्यक्ष चाह कर भी अपने नजदीकी लोगों को नहीं बनवा पाए।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष की बागडोर संभालने के बाद हर्ष मल्होत्रा की प्रदेश टीम हो या फिर प्रदेश मोर्चा जिलों की टीम सभी में उनके वफादार नेताओं को पूरा महत्व मिला है और उनको उम्मीद से ज्यादा स्थान मिल गए हैं जिसके चलते कहा जा रहा है की वफादारी कभी खाली नहीं जाती और जो लोग इधर से उधर उछल कूद करते रहते हैं वह कई बार कहीं के नहीं रहते और बाद में सिर्फ अपनी बात सही कहने के लिए कुतर्कों का ही सहारा लेते हैं। गौरतलब है कि जिस समय यह माना जा रहा था कि हर्ष मल्होत्रा ही भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष होंगे उसे समय भी पार्टी में एक वह वर्ग जो यह दिखाने की कोशिश करता है कि सारे फैसले उनकी इच्छा से होते हैं कह रहे थे कि वह नहीं बनेंगे और उसे समय जो उनकी भूमिका रही थी किसी से छुपी नहीं थी लेकिन हर्ष मल्होत्रा अपने शांत स्वभाव जिसके लिए वह जाने जाते हैं तब भी शांत रहे और प्रदेश अध्यक्ष बनने में कामयाब रहे उसके बाद उन्होंने उनके खिलाफ यह महिम चलाई थी कि वह अपनी टीम सही समय पर नहीं घोषित कर पाएंगे लेकिन हर्ष मल्होत्रा ने कहा था कि 2 महीने के अंदर अपनी प्रदेश टीम घोषित कर देंगे और उन्होंने उससे पहले घोषित कर दी और इतना ही नहीं उन्होंने अपनी टीम में अपनी मर्जी से पदाधिकारी बनाएं जो कि उन्हें पार्टी ने पूरी तरह फ्री हैंड दे रखा था और उसका उन्होंने फायदा भी लिया जिसमें उन्होंने उन लोगों को महत्व दिया जो उनके वफादार होने के साथ संगठन के लिए भी सही है। जब दिल्ली भाजपा की प्रदेश टीम घोषित हुई तब कई चेहरों को लेकर सवाल उठाए गए और कहा गया कि यह कहां से आ गए लेकिन कुल मिलाकर वह हर्ष मल्होत्रा की टीम में फिट बैठते थे इसलिए ही उन्हें लिया गया प्रदेश की टीम में महामंत्री हो या मंत्री के अलावा अन्य पदाधिकारी सभी अपने में ऐसे चेहरे थे जो कहीं ना कहीं उसे ाढम में सही बैठते थे।
दिल्ली नगर निगम में जब विभिन्न पदों पर बात हुई उसमें भी हर्ष मल्होत्रा ने अपने और संगठन के प्रति सही रहने वाले लोगों को महत्व दिया महापौर पद पर प्रवेश वाही के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हर्ष मल्होत्रा दोनों की सहमति थी वही स्थाई समिति अध्यक्ष पर भले ही सत्या शर्मा को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आशीर्वाद था लेकिन हर्ष मल्होत्रा उनके पक्ष में शुरू से थे इसी तरह अन्य समितियां में भी संदीप कपूर योगेश वर्मा और अन्य चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन उनकी ही इच्छा से बने। दिल्ली भाजपा की राजनीति में जिस तरह इस बार प्रदेश की टीम जिलों की टीम निगम की टीम सभी में हर्ष मल्होत्रा को फ्री हैंड मिला है यह भी अपने में भाजपा की राजनीति में महत्वपूर्ण है नहीं तो कई बार प्रदेश अध्यक्ष चाह कर भी अपने नजदीकी लोगों को नहीं बनवा पाए।