निगम पार्षदों और संविदा कर्मचारियों को भी सीजीएचएस दरों पर मिलेगी चिकित्सा सुविधा
प्रकाशित: 03-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के वर्तमान (सिटिंग) पार्षदों और संविदा कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उन्हें निगम के पैनल में शामिल इम्पैनल्ड अस्पतालों में सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की नीति बनाई गई है। इस नीति के तहत सिटिंग पार्षदों, संविदा कर्मचारियों तथा उनके पात्र आश्रितों निगम के किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल में जाकर सीजीएचएस दरों पर अपना उपचार करा सकेंगे।
स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी पहल है, जिसके माध्यम से निगम के वर्तमान पार्षदों के साथ-साथ संविदा कर्मचारियों व उनके परिवारों को भी बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि निगम में पहली बार इस प्रकार की नीति तैयार की गई है, जिससे संविदा कर्मचारियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि इस सुविधा की घोषणा निगम के बजट में भी की गई थी, जिसे आज नीति बनाकर पूरा किया गया है। उन्होंने कहा, "मह्न्रद्व सरकार जो वादा करती है, उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में किए गए वादे को धरातल पर उतारते हुए निगम के वर्तमान पार्षदों और संविदा कर्मचारियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की नीति लागू की जा रही है यह निगम की प्रतिबद्धता और संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि निगम के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना निगम की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है। सीजीएचएस दरों पर उपचार की सुविधा मिलने से उन्हें उपचार के दौरान आर्थिक राहत भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पार्षदों और संविदा कर्मचारियों को निगम के एम्पेनल्ड अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सीजीएचएस दरों के अनुसार मिल सकेगा।
इससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि स्थायी समिति का उद्देश्य निगम के पार्षदों के साथ-साथ निगम के कर्मचारियों के हितों को भी प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों का निगम की सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान है और उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर आगे भी सकारात्मक एवं आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के वर्तमान (सिटिंग) पार्षदों और संविदा कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उन्हें निगम के पैनल में शामिल इम्पैनल्ड अस्पतालों में सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की नीति बनाई गई है। इस नीति के तहत सिटिंग पार्षदों, संविदा कर्मचारियों तथा उनके पात्र आश्रितों निगम के किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल में जाकर सीजीएचएस दरों पर अपना उपचार करा सकेंगे।
स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी पहल है, जिसके माध्यम से निगम के वर्तमान पार्षदों के साथ-साथ संविदा कर्मचारियों व उनके परिवारों को भी बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि निगम में पहली बार इस प्रकार की नीति तैयार की गई है, जिससे संविदा कर्मचारियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि इस सुविधा की घोषणा निगम के बजट में भी की गई थी, जिसे आज नीति बनाकर पूरा किया गया है। उन्होंने कहा, "मह्न्रद्व सरकार जो वादा करती है, उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में किए गए वादे को धरातल पर उतारते हुए निगम के वर्तमान पार्षदों और संविदा कर्मचारियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की नीति लागू की जा रही है यह निगम की प्रतिबद्धता और संवेदनशील प्रशासन का प्रमाण श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि निगम के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना निगम की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है। सीजीएचएस दरों पर उपचार की सुविधा मिलने से उन्हें उपचार के दौरान आर्थिक राहत भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पार्षदों और संविदा कर्मचारियों को निगम के एम्पेनल्ड अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सीजीएचएस दरों के अनुसार मिल सकेगा।
इससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि स्थायी समिति का उद्देश्य निगम के पार्षदों के साथ-साथ निगम के कर्मचारियों के हितों को भी प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों का निगम की सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान है और उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर आगे भी सकारात्मक एवं आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।