वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

नेता प्रतिपक्ष आतिशी का सदन में दूसरे दिन भी ना रहना बना रहा चर्चाओं का केंद्र

प्रकाशित: 11-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कृष्ण देव पाठक
नई दिल्ली दिल्ली। विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी का ना होना चर्चाओं का केंद्र बना रहा और इसको लेकर तरह-तरह की बातें होती रही विपक्ष के हंगामा के बीच विधानसभा अध्यक्ष भी विजेंद्र गुप्ता भी इस मामले में नाराज नजर आए।
सदन में जब हंगामा चल रहा होता है उसे समय या कोई चर्चा होनी होती है परंपरा के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष को ही कहता है कि वह अपने सदस्यों को ऐसा आचरण करने से रोके लेकिन सदन में जब नेता प्रतिपक्ष ही नहीं है उन हालातो में विधानसभा अध्यक्ष के लिए भी अजीब स्थिति हो जाती है कि वह किसको क्या कहे विधानसभा कार्यवाही के दोनों दिन आम आदमी पार्टी के विधायकों को मार्शल आउट किया गया और स्थिति सदन में वही की वही बनी हुई है सदन में पुरानी परंपरा यह भी रही है की विधायकों के निलंबन के बाद यदि नेता प्रतिपक्ष नेता सदन से अनुरोध करते हैं कि वह निलंबित किए विधायकों को सदन में बुला ले और नेता सदन इसकी इजाजत दे देते हैं तो वह सदन में आ भी जाते हैं लेकिन फिलहाल नेता प्रतिपक्ष के न होने से नेता कौन है यह भी सवाल अपने में चल रहा है। भाजपा के विधायक कहते हैं कि सदन को लेकर इनके बड़े नेता कभी गंभीर नहीं रहे कभी जब सदन चल रहा होता है तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रमुख और सरकार में मंत्री रहे गोपाल राय अपने को गुजरात में व्यस्त बता कर सदन में नहीं आते अब आतिश गोवा में बताई जा रही है जबकि नेता प्रतिपक्ष होने के कारण उनके यहां रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है। सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी के विधायकों का एक बड़ा वर्ग भी इस बात को लेकर नाराज है कि पहले कहा गया था कि सदन में आने से पहले रणनीति तय होगी और उसके हिसाब से चल जाएगा क्योंकि मानसून सत्र में हमारे पास मुद्दे हैं लेकिन नेतृत्व का अभाव होने के कारण भाजपा आाढामक हो रही है आम आदमी पार्टी के कई पुराने विधायक अपने को अजीब से हालातो में महसूस कर रहे हैं उनका कहना है सत्र के शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे विधानसभा सत्र के दौरान भी ऐसा होता था लेकिन अब यही नहीं पता कि नेता इस समय कौन है तो कुछ नहीं हो पा रहा है। अनुशासन के कारण हम कुछ बोल नहीं पा रहे हैं आम आदमी पार्टी में फिलहाल किनारे चल रहे मटिया महल के विधायक आले इकबाल जरूर लोकनायक जयप्रकाश नारायण और गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल का मुद्दा उठाकर चर्चाओं में रहे और उनकी बात का पक्ष विपक्ष के सभी लोग समर्थन कर रहे हैं जबकि आम आदमी पार्टी के हिसाब से तकनीकी रूप से वह सदन में जरूर है लेकिन पार्टी के हिसाब से वह विद्रोही है लेकिन फिलहाल किसी ने इस मामले में एक दूसरे पर आपत्ति नहीं करी है और उनकी स्थिति क्या है यह भी बात विधानसभा अध्यक्ष को सदन में उनके नेता ही कह सकती थी लेकिन वह खुद सदन में नहीं है।