पुलिस बल और जवानों का मनोबल दोनों बढ़ाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री यादव
प्रकाशित: 11-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
भोपाल (ब्यूरो प्रमुख) । मुख्यमंत्री का सोमवार को रविन्द्र भवन में पुलिस विभाग द्वारा अभिनंदन किया गया। पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में नवीन भर्तियों की शुरुआत करने तथा वर्षों से लंबित पदोन्नतियों का लाभ दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल और पुलिसवालों का मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर चोट और तनाव झेलते हैं, लेकिन उनके परिश्रम को सम्मान और पुरस्कार मिलने का भरोसा भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हुए हैं। इनमें मैदानी स्तर के 12 हजार 928 आरक्षक प्रधान आरक्षक तथा 5 हजार 171 प्रधान आरक्षक सहायक उपनिरीक्षक बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति का रास्ता खुलने का सबसे बड़ा लाभ पुलिस विभाग को मिला है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और 9 हजार 751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रािढया जारी है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम चरण में है। डॉ. यादव ने कहा कि खाकी वर्दी और कंधों पर सजे सितारे मध्यप्रदेश के साढ़े 8 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने का आहवान किया।
मध्यप्रदेश पुलिस देश भक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है। मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं। हमारी पुलिस ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है। चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
पुलिस के जवान और अधिकारी अनुशासन के साथ अपने दायित्वों को पूरा कर जीवन को धन्य करते हैं। पुलिस परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे अनेकों नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं। डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य किए हैं।
हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बलबूते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे 30 रक्षित, निरीक्षक से उप पुलिस अधीकक्ष (डीएसपी) बने हैं।
वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रािढया को आगे बढ़ाया है।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल और पुलिसवालों का मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर चोट और तनाव झेलते हैं, लेकिन उनके परिश्रम को सम्मान और पुरस्कार मिलने का भरोसा भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हुए हैं। इनमें मैदानी स्तर के 12 हजार 928 आरक्षक प्रधान आरक्षक तथा 5 हजार 171 प्रधान आरक्षक सहायक उपनिरीक्षक बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति का रास्ता खुलने का सबसे बड़ा लाभ पुलिस विभाग को मिला है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और 9 हजार 751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रािढया जारी है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम चरण में है। डॉ. यादव ने कहा कि खाकी वर्दी और कंधों पर सजे सितारे मध्यप्रदेश के साढ़े 8 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने का आहवान किया।
मध्यप्रदेश पुलिस देश भक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है। मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं। हमारी पुलिस ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है। चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
पुलिस के जवान और अधिकारी अनुशासन के साथ अपने दायित्वों को पूरा कर जीवन को धन्य करते हैं। पुलिस परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे अनेकों नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं। डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य किए हैं।
हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बलबूते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे 30 रक्षित, निरीक्षक से उप पुलिस अधीकक्ष (डीएसपी) बने हैं।
वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रािढया को आगे बढ़ाया है।