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फोन से पैसे निकालने वाले गिरोह का भंडाफोड़

प्रकाशित: 11-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (वीअ)। दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से मोबाइल चोरी कर उपकरण से जुड़े बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है और इस बाबत नौ लोगों को राजस्थान और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।पुलिस के मुताबिक, 88 वर्षीय बुजुर्ग के चोरी हुए मोबाइल फोन से पैसे निकालने के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने इस अंतरराज्यीय साइबर-धोखाधड़ी का भंड़ाफोड़ किया।पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि पश्चिम पटेल नगर के रहने वाले एक वरिष्" नागरिक ने 19 मई को अपना मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी और दो दिन बाद फिर से सिम कार्ड जारी कराने के बाद उन्हें संदेश मिला कि अनधिकृत लेनदेन के जरिए उनके बैंक खाते से 70,000 रुपये की राशि निकाल ली गई है। पीड]ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद 23 जुलाई को एक प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के एक वरिष्" अधिकारी ने बताया कि जांच से पुलिस को जयपुर, मेर" और गाजियाबाद में फैले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कई चरणों में काम करता था। अधिकारी ने बताया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर मोबाइल फोन चुराते थे, जबकि मेर" और गाजियाबाद का एक अन्य समूह म्यूल (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते, डेबिट कार्ड, पीओएस मशीनें और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। उन्होंने बताया कि जयपुर से संचालित होने वाला तीसरा मॉड्यूल कथित तौर पर चोरी हुए फोन और बैंकिंग जानकारी का उपयोग करके पीड]ितों के खातों तक पहुंच प्राप्त करता था, धन को म्यूल खातों में स्थानांतरित करता या पैसा निकाल लेता था। वित्तीय लेनदेन की जांच और डिजिटल निगरानी से पुलिस को यह स्थापित करने में मदद मिली कि म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाले लोग मेर" और गाजियाबाद में है, जबकि बैंकिंग लेनदेन जयपुर से किए जा रहे हैं।पुलिस टीम ने जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक आवासीय परिसर पर छापा मारा और मुख्य आरोपी निखिल सोनी (26) को उसके चार सहयोगियों - अभिषेक कुमार झा, आनंद साह सोनार, प्रिंस साह सोनार और बिषेक कुमार झा के साथ गिरफ्तार कर लिया।अधिकारी ने कहा कि छापेमारी में कॉल-सेंटर जैसी व्यवस्था का भंडाफोड़ हुआ जिसमें लैपटॉप, टैबलेट, राउटर, पासबुक और पीड]ितों के डेटा व लेनदेन के विवरण वाली डायरियों मिलीं। साथ में चार लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि साथ ही, एक अन्य टीम ने मेर" और गाजियाबाद में छापेमारी की तथा म्यूल खातें उपलब्ध कराने वाले अमर जाटव, हर्ष, मोहन और वासु को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने उनके कब्जे से 52 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड, 145 सिम कार्ड, 13 बैंक पासबुक, छह पीओएस मशीनें, चार लैपटॉप, दो टैबलेट कंप्यूटर, चार हाई-स्पीड इंटरनेट राउटर और चार लाख रुपये नकद जब्त किए। अधिकारी ने बताया कि मोबाइल फोन में कथित तौर पर पीड]ितों का डेटा, बैंकिंग एप्लीकेशन और चैट शामिल थे, जबकि जब्त की गई डायरियों में लेनदेन के बही खाते और संपर्क विवरण थे। पुलिस ने बताया कि डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच जारी है। अधिकारी ने कहा कि अब तक विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 19 शिकायतों में इस गिरोह की संलिप्तता का पता चला है।