कभी किराए की साइकिल, उधार के जूते पहनकर सीखी थी ािढकेट : चेतन
प्रकाशित: 11-08-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नवीन शर्मा
नई दिल्ली। पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा का मानना है कि भारत में कोट प्रतिभाओं की भरमार है लेकिन कई प्रतिभाएं मौकों और मंच के अभाव में दबकर रह जाती हैं। गांव-देहातों में छुपी प्रतिभाओं को निकालने के लिए वह जल्द ही सेल्यूट तिरंगा लीग लेकर आ रहे हैं जिसमें 8 टीमें शामिल होंगी।
भारत के लिए 23 टेस्ट और 65 वनडे खेलने वाले पूर्व ािढकेटर ने कहा कि जब चंडीगढ़ में मैंने ािढकेट खेलना शुरू किया था तो पिताजी का वेतन 600 रुपये था। किराए की साइकिल और उधार के जूते पहनकर अभ्यास करने जाते थे । चंडीगढ़ से जुड़े दिग्गज कपिल देव , योगराज सिंह और अशोक मल्होत्रा जैसे ािढकेटरों ने उनकी बड़ी मदद की आज वह 60 साल के हो गए हैं तो सोचते हैं कि ािढकेट को कुछ वापस करने का समय है । कई लीगों में रजिस्ट्रेशन फीस होती है बड़ी तादाद में बच्चे जुड़ते हैं लेकिन सबका चयन नहीं हो पाता। रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लाखों रुपया इकट्ठा हो जाता है। लेकिन हमने इसमें रजिस्ट्रेशन फीस नहीं रखी है बल्कि हमारे यहां चुने जाने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न श्रेणियों में कम से कम 25 हजार रुपये मिलेंगे। लीग में आठ टीमें खेलेंगी। हर टीम में 15 खिलाड़ी होंगे। टूर्नामेंट उदयपुर के पास नाथद्वारा में खेला जाएगा । देश भर में ओपन ट्रायल होंगे । पहले चरण की शुरुआत लखनऊ में होगी। लीग से पूर्व टेस्ट ािढकेटर अशोक मल्होत्रा भी जुड़े हैं। उनका कहना है कि कई पूर्व ािढकेटरों के जुड़ने की संभावना है जिससे प्रतिभाओं को अच्छा मार्गदर्शन मिल सकेगा। अनुभवी कोच और मेंटर प्रतिभाओं का चयन करेंगे। टीसीसीएल के अध्यक्ष राजेश झा ने कहा कि लक्ष्य प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देना है। डायरेक्टर मुकेश सिंह ने कहा कि यह लीग भारतीय ािढकेट में नया मील का पत्थर साबित होगी।
नई दिल्ली। पूर्व तेज गेंदबाज चेतन शर्मा का मानना है कि भारत में कोट प्रतिभाओं की भरमार है लेकिन कई प्रतिभाएं मौकों और मंच के अभाव में दबकर रह जाती हैं। गांव-देहातों में छुपी प्रतिभाओं को निकालने के लिए वह जल्द ही सेल्यूट तिरंगा लीग लेकर आ रहे हैं जिसमें 8 टीमें शामिल होंगी।
भारत के लिए 23 टेस्ट और 65 वनडे खेलने वाले पूर्व ािढकेटर ने कहा कि जब चंडीगढ़ में मैंने ािढकेट खेलना शुरू किया था तो पिताजी का वेतन 600 रुपये था। किराए की साइकिल और उधार के जूते पहनकर अभ्यास करने जाते थे । चंडीगढ़ से जुड़े दिग्गज कपिल देव , योगराज सिंह और अशोक मल्होत्रा जैसे ािढकेटरों ने उनकी बड़ी मदद की आज वह 60 साल के हो गए हैं तो सोचते हैं कि ािढकेट को कुछ वापस करने का समय है । कई लीगों में रजिस्ट्रेशन फीस होती है बड़ी तादाद में बच्चे जुड़ते हैं लेकिन सबका चयन नहीं हो पाता। रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लाखों रुपया इकट्ठा हो जाता है। लेकिन हमने इसमें रजिस्ट्रेशन फीस नहीं रखी है बल्कि हमारे यहां चुने जाने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न श्रेणियों में कम से कम 25 हजार रुपये मिलेंगे। लीग में आठ टीमें खेलेंगी। हर टीम में 15 खिलाड़ी होंगे। टूर्नामेंट उदयपुर के पास नाथद्वारा में खेला जाएगा । देश भर में ओपन ट्रायल होंगे । पहले चरण की शुरुआत लखनऊ में होगी। लीग से पूर्व टेस्ट ािढकेटर अशोक मल्होत्रा भी जुड़े हैं। उनका कहना है कि कई पूर्व ािढकेटरों के जुड़ने की संभावना है जिससे प्रतिभाओं को अच्छा मार्गदर्शन मिल सकेगा। अनुभवी कोच और मेंटर प्रतिभाओं का चयन करेंगे। टीसीसीएल के अध्यक्ष राजेश झा ने कहा कि लक्ष्य प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देना है। डायरेक्टर मुकेश सिंह ने कहा कि यह लीग भारतीय ािढकेट में नया मील का पत्थर साबित होगी।